दीदी को नड्डा की चुनौती:हार का गम भुला नहीं पा रही भाजपा, बंगाल में टीएमसी को आसानी से सरकार चलाने नहीं देगी

दीदी को नड्डा की चुनौती:हार का गम भुला नहीं पा रही भाजपा, बंगाल में टीएमसी को आसानी से सरकार चलाने नहीं देगी

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 04 May, 2021 08:20 pm राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार देश और दुनिया लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर

हिमाचल जनादेश,शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

 

इस बार बंगाल चुनाव में भाजपा की सत्ता पाने की ख्वाहिश अधूरी रह गई । पीएम मोदी, अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बंगाल में मिली हार का गम भुला नहीं पा रहे हैं । पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद भी यहां भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच 'राजनीतिक दंगल' खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बंगाल में अपना 'राज' स्थापित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था । लेकिन फिर भी बंगाल 'मुट्ठी' में नहीं आया । दीदी प्रचंड जीत के साथ बंगाल की सत्ता में तीसरी बार काबिज होने जा रही हैैं । 

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को 214 सीटें मिली हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी को 76 सीटों से संतोष करना पड़ा है। लेकिन इस बार 'भाजपा दीदी को आसानी से सत्ता चलाने नहीं देगी' । इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि वर्ष 2016 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान लेफ्ट और कांग्रेस विपक्ष में थे इस बार इन दोनों पार्टियों का सफाया हो गया है अब भाजपा राज्य में मजबूत विपक्ष के तौर पर सामने आ खड़ी हुई है । यहां हम आपको बता दें कि ममता बनर्जी को अपने पिछले शासन के दोनों कार्यकाल में विपक्ष की ओर से चुनौती नहीं मिली, लेकिन इस बार उनके सामने विपक्ष के तौर पर भाजपा है और केंद्र में उसकी सत्ता भी है। ममता बनर्जी 5 मई, बुधवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं । 

बंगाल में सरकार के गठन से एक दिन पहले ही भाजपा ने पूरे देश भर में ममता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने का 'एलान' कर दिया है । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पूरी तैयारी के साथ राजधानी दिल्ली से बंगाल दीदी को घेरने के लिए दो दिवसीय दौरे पर पहुंच गए हैं । चुनाव परिणामों के बाद भले ही भाजपा की रणनीति बुरी तरह विफल हुई है लेकिन पार्टी हाईकमान अभी भी बंगाल को इतनी आसानी से छोड़ना नहीं चाहता है । पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने बंगाल से ही दीदी के खिलाफ एलान-ए-जंग की शुरुआत कर दी है। 

बता दें कि बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर हो रहे  हमले व हिंसा को लेकर भाजपा टीएमसी के खिलाफ आक्रामक मुद्रा में आ गई है। भाजपा ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के खिलाफ पांच मई, बुधवार को पूरे देश भर में धरना देने की भी घोषणा की है। कोलकाता में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पांच मई को धरने पर बैठेंगे। भाजपा ने कहा है कि पिछले 24 घंटे के दौरान बंगाल में हमारे नौ कार्यकर्ताओं की तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने हत्या कर दी है। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शह पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं और पूरे बंगाल में अराजकता का माहौल बन गया है।

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भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच अभी सियासी लड़ाई लंबी चलेगी
आपको बता दें कि दो सालों से बंगाल में ही रहकर पार्टी के लिए सियासी जमीन तैयार करने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर 'आक्रामक' रुख अपना लिया है । विजयवर्गीय ने बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ दीदी को घेरने के लिए 'आस्तीन' चढ़ा ली है । बंगाल प्रभारी विजयवर्गीय ने कहा कि जीत के उन्माद में ममता बनर्जी के तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर जला डाले, बीजेपी दफ्तरों में तोड़फोड़ की, बीजेपी को वोट देने वालों व कार्यकर्ताओं की हत्या भी कर दी गई, लेकिन ममता सरकार इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है, ऐसे में बीजेपी इस मामले को देश के सामने ले जाएगी। संबित पात्रा ने कहा कि हम जिस प्रकार का मंजर बंगाल में देख रहे हैं, उस पर विश्वास नहीं हो रहा है। बंगाल आज जल रहा है, हमारे कार्यकर्ता हर घड़ी हमारे नेताओं को फोन कर रहे हैं और उनकी एक ही गुहार है हमें बचा लो। पात्रा ने कहा कि बंगाल में जो कुछ हो रहा है वो प्रशासन द्वारा प्रायोजित हिंसा है।
 

वहीं दिल्ली से 'भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि टीएमसी के गुंडों ने चुनाव जीतते ही हमारे कार्यकर्ताओं को जान से मारा, भाजपा सांसद ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके नेताओं, मुख्यमंत्री और सांसदों को दिल्ली भी आना है' । उत्तराखंड से भाजपा राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में हिंसा की ये स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी। खुद ममता बनर्जी ने मार्च में कहा था कि सेंट्रल फोर्स तो चली जाएगी, फिर कौन बचाएगा। भले ही बंगाल में चुनाव खत्म हो गया है लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपना हिंदुत्व का एजेंडा अभी छोड़ना नहीं चाहती है। चुनाव के दौरान भाजपा जय श्रीराम के नारे और मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोपों के सहारे चुनाव का एजेंडा सेट करने की कोशिश करती रही। हालांकि इस रणनीति को भले ही सीटों में नहीं बदला जा सका, लेकिन भाजपा की ओर से साफ संकेत मिल रहे हैं कि वह अपने इस एजेंड को जारी रखेगी। बता दें कि भले ही टीएमसी प्रचंड जीत के साथ तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है लेकिन 'भाजपा ने दमदार विपक्ष के रूप में बंगाल से लेकर दिल्ली तक आर-पार की जंग का एलान कर दिया है' । 

राजधानी दिल्ली में आज भाजपा नेता बंगाल में हुई हिंसा के विरोध में धरने पर बैठे हुए हैं । भाजपा के आक्रामक रूप को ममता भी भली-भांति जान रही हैं । लेकिन इस बार भाजपा से टक्कर लेने के लिए दीदी के पास अच्छा खासा विपक्ष के नेताओं का समर्थन मिला हुआ है । फिलहाल बंगाल से राजधानी दिल्ली तक बीजेपी और टीएमसी के नेताओं के बीच जारी जुबानी जंग से हालात बयां कर रहे हैं कि अभी दोनों पार्टियों की लड़ाई लंबी चलेगी।

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