सीएम तीरथ सिंह रावत ने त्रिवेंद्र सिंह का फैसला पलटा, 51 मंदिर देवस्थानम बोर्ड से होंगे अलग

सीएम तीरथ सिंह रावत ने त्रिवेंद्र सिंह का फैसला पलटा, 51 मंदिर देवस्थानम बोर्ड से होंगे अलग

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 09 Apr, 2021 09:56 pm राजनीतिक-हलचल सुनो सरकार देश और दुनिया धर्म-संस्कृति ताज़ा खबर स्लाइडर

हिमाचल जनादेश,शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार


तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने के बाद अटकलें लग रही थी कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कई फैसलों को पलटा जाएगा । मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संकेत दे दिए थे कि देवस्थानम के क्या 5 1 मंदिरों पर पूर्व सरकार के लिए गए निर्णय को बदलेंगे। इसी कड़ी में शुक्रवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हरिद्वार संतों के बीच पहुंचे थे । 

हरिद्वार में तीरथ सिंह रावत ने एलान किया कि चार धाम को लेकर आदिगुरु शंकराचार्य की ओर से स्थापित परंपराओं को जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड में शामिल किए गए 51 मंदिरों को बोर्ड से मुक्त कर दिया जाएगा और देवस्थानम बोर्ड के बारे में पुनर्विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार में कुंभ मेला के दौरान शराब की दुकानों को भी हटाने के निर्देश दिए । 

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बता दें कि बद्रीनाथ-केदारनाथ-यमुनोत्री और गंगोत्री सहित 51 तीर्थस्थल राज्य सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में थे। बता दें कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री सहित 51 तीर्थस्थलों के रूप में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पारित चार धाम देवस्थानम प्रबंधन को अपनी स्वीकृति देने के बाद राज्य सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में थे। तब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा था कि नए अधिनियम से हर साल लाखों लोगों द्वारा दर्शन किए जाने वाले श्रद्धालुओं के व्यावसायिक प्रबंधन में मदद मिलेगी।

2019 में तीन लाख से अधिक लोगों ने पहाड़ी राज्य के चार मंदिरों का दौरा किया। अभी कुछ और फैसले हैं जो त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लिए थे उसमें भी बदलाव करने की अटकलें जोरों पर हैं ।

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