माँ नें पूरी की अरदास,घर में गूंजी किलकारियां,दिव्यांग पत्नी व बच्चों के साथ UP से पहुंचा मां चिंतपूर्णी की शरण में  

माँ नें पूरी की अरदास,घर में गूंजी किलकारियां,दिव्यांग पत्नी व बच्चों के साथ UP से पहुंचा मां चिंतपूर्णी की शरण में  

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 03 Jul, 2022 06:33 pm प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार देश और दुनिया धर्म-संस्कृति लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर सोलन ऊना मनोरंजन

 

हिमाचल जनादेश,ऊना  (संवाददाता )
शादी के 5 साल बाद भी औलाद का सुख नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश निवासी दिव्यांग मां चिंतपूर्णी की शरण में जा पहुंचा। मां का आशीर्वाद ऐसा मिला कि दिव्यांग के घर में बच्चों की किलकारियां गूंजना शुरू हुईं। 

मां के आशीर्वाद से जब पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई तो व्यक्ति अपनी दिव्यांग पत्नी और बच्चों को ट्राईसाइकिल में बैठाकर मां के दर्शन करने के लिए लंबी यात्रा पर निकल पड़ा। यह किस्सा फतेहगढ़, फर्रुखाबाद, उप्र निवासी दिनेश कुमार का है।

रविवार को अंब पहुंचे दिनेश कुमार का कहना है कि शादी के 5 साल बाद भी जब औलाद नहीं हुई तो उसने माता चिंतपूर्णी के दरबार में एक बेटे और बेटी की मन्नत मांगी थी। माता के आशीर्वाद से पहले बेटी ने जन्म लिया। उसके 3 साल बाद घर में बेटे की किलकारियां गूंजी हैं। माता चिंतपूर्णी से मिली इस मुराद के चलते ही वो फतेहगढ़ से अपनी पत्नी व बच्चों को साथ लेकर दरबार में शीश नवाने आया है।

दिनेश के पास आय का कोई साधन नहीं है। वह मेलों में भार तोलने वाली मशीन लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। माता चिंतपूर्णी में आस्था और विश्वास के चलते रहने और खाने की चिंता छोड़ लगातार अपनी मंजिल की ओर बढ़ते दिनेश का कहना है अंधेरा होते ही वह कहीं भी परिवार के साथ रात गुजार लेता है। माता के आशीर्वाद से उसके खाने का भी बंदोबस्त हो जाता है।

हालांकि उसने अपनी ट्राईसाइकिल पर भी खाना बनाने के लिए थोड़े बर्तनों का प्रबंध किया है। दिनेश ने बताया कि करीब 9 दिन पहले उसका यह सफर शुरू हुआ था। वह रविवार तक माता चिंतपूर्णी के दरबार तक पहुंच जाएगा। 2 दिन चिंतपूर्णी धाम में रहने के बाद वापस घर के लिए यात्रा शुरू कर देगा।

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