शराब बिक्री से हिमाचल में गोसदनों और एंबुलेंस के लिए खूब हुई करोड़ों की धनवर्षा,पढ़े पूरी खबर 

शराब बिक्री से हिमाचल में गोसदनों और एंबुलेंस के लिए खूब हुई करोड़ों की धनवर्षा,पढ़े पूरी खबर 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 06 Jan, 2022 12:20 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर शिमला स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

 

हिमाचल जनादेश, शिमला (संवाददाता )

शराब बिक्री से हिमाचल में गोसदनों और स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस के लिए खूब धनवर्षा हुई है। प्रदेश भर में पिछले साल शराब की कमाई पर सैस के माध्यम से 15.95 करोड़ रुपए जुटाए हैं। छह करोड़ 59 लाख 27 हजार का राजस्व एंबुलेंस के खाते में गए हैं, जबकि गोवंश के लिए नौ करोड़ 36 लाख 43 हजार 247 रुपए का राजस्व एकत्र किया गया। 

इस धनराशि का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग प्रदेश भर के अस्पताल में एंबुलेंस खरीदने और रखरखाव में कर सकता है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही शराब की एक बोतल पर गोवंश के लिए एक रुपए सैस का निर्धारण किया था। इसके बाद इसमें एंबुलेंस को भी जोड़ दिया गया। जून 2020 में गोवंश की राशि को बढ़ाकर डेढ़ रुपए कर दिया गया, जबकि एंबुलेंस की राशि एक रुपए ही निर्धारित है।

आबकारी विभाग की ओर से शराब की बोतल पर गोवंश के लिए 31 मई तक एक रुपए सैस निधार्रित था, जबकि जून माह से इसे बढ़ाकर डेढ़ रुपए कर दिया गया, जबकि एंबुलेंस के लिए एक बोतल पर एक रुपए का निर्धारण किया गया है।

आबकारी एवं कराधान विभाग के राज्य आयुक्त युनूस ने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार एंबुलेंस और गोवंश के लिए धनराशि सरकारी खजाने में जमा हो रही है। इस धनराशि में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसका लाभ प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग और गोवंश के लिए हो रहे खर्च में मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शराब की एक बोतल पर अब गोवंश के लिए डेढ़ रुपए, जबकि एंबुलेंस के लिए एक रुपए राजस्व जुटाया जा रहा है।

कांगड़ा पहले स्थान पर
कांगड़ा से दो करोड़ 88 लाख 60 हजार 118 रुपए का राजस्व जुटाया है। इसमें एक करोड़ 67 लाख 15 हजार 644 रुपए गोवंश को जबकि एक करोड़ 21 लाख 44, 474 रुपए एंबुलेंस के लिए राजस्व विभाग ने सरकार के खजाने में जमा करवाए हैं।

शिमला दूसरे स्थान पर
शिमला से दो करोड़ 32 लाख 27 हजार 294 रुपए का राजस्व जुटाया गया है। इनमें एक करोड़ 38 लाख 63 हजार 604 गोवंश, जबकि 93 लाख 63 हजार 690 रुपये एंबुलेंस को प्रदान किए हैं।

मंडी तीसरे स्थान पर
मंडी से एक करोड़ 40 लाख 79 हजार 550 रुपए का राजस्व जुटाया गया है। इनमें 83 लाख पांच हजार 58 रुपए गोवंश, जबकि 57 लाख 74 हजार 495 रुपए एंबुलेंस के लिए जुटाए गए हैं।

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