भरमौर: ठेठ पहाड़ी गायक सुरेंद्र पटयाल के गाने 'धर्मराज री कचहरी' ने मचाई धमाल, महज 3 दिन में हजारों लोगों ने देखा गाने को 

भरमौर: ठेठ पहाड़ी गायक सुरेंद्र पटयाल के गाने 'धर्मराज री कचहरी' ने मचाई धमाल, महज 3 दिन में हजारों लोगों ने देखा गाने को 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 21 Oct, 2021 07:33 pm प्रादेशिक समाचार देश और दुनिया धर्म-संस्कृति लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर चम्बा आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, भरमौर(ब्यूरो)

"धर्मराज री कचहरी" गाने का विमोचन शिव नगरी भरमौर चौरासी के प्रांगण में धर्मराज के मंदिर में किया गया | इस गाने को सुरेंद्र पट्याल और अनुरागिनी ठाकुर ने बहुत ही सुंदर तरीके से गाया है | गाने का विमोचन धर्मराज के पुजारी और नेशनल अवॉर्डी प्रकाश भारद्वाज के द्वारा आज सोमवार शाम 5:00 बजे को किया गया | 

विमोचन के दौरान गायक सुरेंद्र पट्याल ने कहा कि हमारा हमेशा प्रयास रहा है कि गद्दी जनजाति के आर्थिक, सामाजिक ,सांस्कृतिक जीवन पर निर्मित वृत्तचित्र में अपना बहुमूल्य सहयोग देने व जन जीवन से जुड़ी अपनी समृद्ध संस्कृति सहित लोक व देव परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन तथा इसके प्रचार हेतु हम हमेशा कार्य करते रहेंगे | हमारा हमेशा प्रयास रहता है कि हम अपनी संस्कृति से जुड़े पुराने से पुराने गाने को आपके समक्ष लाएं | जैसे हम इस बार "धर्मराज री  कचहरी" पहाड़ी ठेठ गाने को आपके सामने हमने प्रस्तुत किया है इसमें पूरे विश्व की संपूर्ण मानव जाति से संबंधित जब से मनुष्य जन्म लेता है और जन्म के उपरांत जो भी वह कर्म करता है, पाप करता है ,धर्म करता है ,अच्छा करता है, बुरा करता है उसका सब लेखा-जोखा धर्मराज जी की कचहरी में होता है |

एक नजर इधर भी-लाहौल घाटी में लापता सभी पर्यटक सुरक्षित व स्वस्थ- उपायुक्त  

मृत्यु के बाद जब आत्मा मृत्यु लोक से स्वर्ग लोक में जाती है तो वहां पर धर्मराज की कचहरी से होकर  गुजरना पड़ता है जहां पर चित्रगुप्त जी उनसे सवाल करते हैं और वह आत्मा उन सवालों का जवाब  देती है | जैसे-जैसे उनके द्वारा किए गए कर्म होते हैं उसी के हिसाब से उनको स्वर्ग का सुख या नर्क की पीड़ा झेलनी पड़ती है |इस गाने में यह सब दर्शाया गया है कि मानव जीवन में आप आए हो तो कुछ ऐसा करके जाओ जो संपूर्ण मानव जाति के हित में कार्य हो। 

आपको बताते चलें कि इससे पहले भी सुरेंद्र पटियाल जी के 3 गाने रिलीज हो चुके हैं जिसमें "पहाड़ी शिव नाटी ", "मथुरा री गुजरी ", "किया नाचू गौरजा" है जो कि बिल्कुल ठेठ तरीके से उन्होंने गाए हैं और इसी तरह यह गाना भी इन्होंने पहाड़ी ठेठ एन्चलि के रूप में गाया है| लोगों का बहुत सारा प्यार और आशीर्वाद सुरेंद्र पट्याल को मिल रहा है।  

उन्होंने कहा कि मेरे लिए मेरी संस्कृति सर्वोपरि है। अपनी प्राचीन संस्कृति के उत्थान के लिए वो हमेशा प्रयासरत है| तभी तो उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल का नाम गदियाली महक रखा है। 

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