हंगामे के बाद प्रियंका गांधी को पुलिस ने छोड़ा, 3 लोगों के साथ आगरा के लिए हुईं रवाना

हंगामे के बाद प्रियंका गांधी को पुलिस ने छोड़ा, 3 लोगों के साथ आगरा के लिए हुईं रवाना

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 20 Oct, 2021 07:05 pm राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना देश और दुनिया लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश पुलिस की कस्टडी में मरने वाले सफाई कर्मचारी के परिवार से मिलने जा रही कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी प्रियंका गांधी  को एक बार प्रदेश प्रशासन का सामना करना पड़ा । बुधवार दोपहर अपने काफिले के साथ ताज नगरी आगरा जाते समय पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगरा एक्स्प्रेसवे  के एंट्री प्वाइंट पर रोक लिया।

 

हिरासत में प्रियंका गांधी

जब प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस के अफसरों से उनका काफिला रोकने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया, 'लखनऊ में धारा 144 लागू है, जिसका उल्लंघन हुआ है। प्रियंका गांधी को आगरा जाने की इजाजत नहीं है। ' हालांकि प्रियंका आगरा जाने की जिद्द पर अड़ी रहीं. इतने में वाड्रा के काफिले में शामिल लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। जिसके बाद अफसरों ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें पुलिस लाइन ले गए।

 

सिर्फ 4 को आगरा जाने की अनुमति

पुलिस के इस एक्शन से कांग्रेस समर्थक और कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद कांग्रेस नेता एक्सप्रेसवे के एंट्री प्वाइंट पर ही धरने पर बैठ गए जिसके कारण पुलिस ने कुछ देर हिरासत में रखने के बाद प्रियंका को सिर्फ 4 लोगों के साथ आगरा जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद प्रियंका गांधी प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आचार्य प्रमोद कृष्णम और एमएलसी दीपक सिंह के साथ गाड़ी में बैठ आगरा के लिए रवाना हो गई हैं।

 

'यूपी सरकार को किस बात का डर'

पुलिस हिरासत में जाने के बाद प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'अरुण वाल्मीकि की मृत्यु पुलिस कस्टडी में हुई। उनका परिवार न्याय मांग रहा है. मैं परिवार से मिलने जाना चाहती हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को डर किस बात का है? क्यों मुझे रोका जा रहा है। आज भगवान वाल्मीकि जयंती है, पीएम ने महात्मा बुद्ध पर बड़ी बातें की, लेकिन उनके संदेशों पर हमला कर रहे हैं।'

 

 

'वाड्रा ने उठाई थी कार्रवाई की मांग'

वाल्मीकि जयंती के हुई इस मौत के मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'किसी को पुलिस कस्टडी में पीट-पीटकर मार देना कहां का न्याय है? आगरा पुलिस कस्टडी में अरुण वाल्मीकि की मौत की घटना निंदनीय है। भगवान वाल्मीकि जयंती के दिन उप्र सरकार ने उनके संदेशों के खिलाफ काम किया है। उच्चस्तरीय जांच व पुलिस वालों पर कार्रवाई हो व पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले।'

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कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

वहीं, उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने ऐलान किया है कि इस बार समाज वाल्मीकि जयंती नहीं मनाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ धारा 302 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, मृतक के परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। संघ ने कहा कि जब तक यह मांगें पूरी नहीं हो जाएंगी, तब तक वाल्मीकि समाज आंदोलन करता रहेगा। फिलहाल, मृतक अरुण का पोस्टमॉर्टम हो गया है. बताया जा रहा है कि अरुण के शव को लेकर पुलिस घर रवाना हो गई है।

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