बांग्लादेशी नहीं चाहते कि मोदी आए उनके देश, जाने क्यों हो रहा है विरोध

बांग्लादेशी नहीं चाहते कि मोदी आए उनके देश, जाने क्यों हो रहा है विरोध

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 21 Mar, 2021 10:24 pm राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार देश और दुनिया लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर

हिमाचल जनादेश,न्यूज़ डेस्क

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 मार्च को बांग्लादेश दौर पर जा रहे हैं, लेकिन उनके जाने से पहले ही वहाँ कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। वही, बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने शनिवार को कहा कि लोगों के एक समूह के इस विरोध से चिंतित होने की कोई वजह नहीं है। हम प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के वक़्त ज़रूरी सुरक्षा का इंतज़ाम सुनिश्चित करेंगे।

बीबीसी के मुताबिक, अब्दुल मोमेन ने कहा, "कुछ लोग मोदी के ढाका दौरे के ख़िलाफ़ अभियान चला रहे हैं लेकिन कोई चिंता की बात नहीं है। बांग्लादेश एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ लोगों को अभिव्यक्ति की आज़ादी है।" मोमेन ने कहा कि सरकार बांग्लादेश आ रहे सभी राष्ट्र प्रमुखों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सब कुछ तय प्रोग्राम के हिसाब से ही होगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता और प्रधानमंत्री शेख हसीना को अच्छी तरह से पता है कि रूढ़िवादियों से कैसे निपटना है।

विदेश मामलों के राज्य मंत्री एम शहरियार आलम ने कहा कि दक्षिण एशिया क्षेत्र के पाँच राष्ट्र प्रमुख सिर्फ़ द्विपक्षीय बातचीत के लिए ही नहीं, बल्कि मुख्य रूप से आज़ादी के 50 साल पूरे होने और राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबउर रहमान की जन्मशताब्दी के जश्न में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "इसलिए मैं अलग मत रखने वाले लोगों से अपील करूंगा कि अगर वो बंगबंधु की राष्ट्रपिता के तौर पर इज़्ज़त करते हैं और देश से प्यार करते हैं तो आमंत्रित मेहमानों के लिए सम्मान दिखाएं।"

उन्होंने गोनोशसथ्या केंद्र के संस्थापक डॉ. ज़फ़रुल्लाह चौधरी और बीएनपी से जुड़ी अन्य पार्टियों और समूहों से प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का विरोध कर दोहरे मापदंड ना अपनाने को कहा। उनके मुताबिक़, क्योंकि भारतीय प्रधानमंत्री के पहले कार्यकाल में उन्होंने उन्हें ख़ुश करने की कोशिश की थी।

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ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक़ विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "लोग हमारे साथ हैं. सिर्फ़ कुछ लोग इस दौरे का विरोध कर सकते हैं और उन्हें करने दीजिए। इस मसले से चिंतित होने का हमारे पास कोई कारण नहीं है।" द डेली स्टार ने भी मोमेन के उस बयान को छापा हैजिसमें उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी के दौरे में सुरक्षा को लेकर चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है।

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार शुक्रवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मुसलमानों और छात्र संगठनों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 26 मार्च के दौरे को लेकर विरोध रैली निकाली। एपी के अनुसार शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद क़रीब 500 मुसलमानों ने ढाका में बैतुल मोकार्रम मस्जिद के बाहर सड़क पर मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस मार्च में भारत विरोधी और मोदी विरोधी नारे भी लगाए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर थे, जिन पर लिखा था- गो बैक मोदी, गो बैक इंडिया।

वामपंथी रुझान वाले क़रीब 200 स्टूडेंट्स कार्यकर्ताओं ने ढाका यूनिवर्सिटी के बाहर मार्च किया और भारतीय प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कई बातें कहीं। प्रधानमंत्री मोदी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के निमंत्रण पर ढाका जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी शेख हसीना की भी आलोचना कर रहे हैं। इनका कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी को नहीं आमंत्रित करना चाहिए।

पीएम मोदी बांग्लादेश की आज़ादी की 50वीं बरसी पर 26 मार्च को बांग्लादेश जाने वाले हैं। 26 मार्च 1971 को ही बांग्लादेश ने पाकिस्तान से ख़ुद को आज़ाद घोषित किया था। भारत की मदद से बांग्लादेश नौ महीने की ख़ूनी जंग के बाद एक नया मुल्क बना था।

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