पठानकोट मंडी फोर लेन परियोजना में विस्थापितों को उचित मुआवजा दिलवाने हेतु  मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

पठानकोट मंडी फोर लेन परियोजना में विस्थापितों को उचित मुआवजा दिलवाने हेतु  मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 03 Mar, 2021 07:23 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल सुनो सरकार लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,नूरपुर (अर्पण चावला)


फोरलेन लोक बॉडी के सदस्य फोरलेन लोक बॉडी के अध्यक्ष राजेश पठानिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भरवाई में मिले और उन्हें अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

राजेश पठानिया ने बताया कि पठानकोट मंडी फोरलेन परियोजना जोकि भू अधिग्रहण की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है और उसके अवार्ड हो चुके हैं। यानी कि किसको कितना मुआवजा मिलेगा यह अधिसूचना जारी हो चुकी है। परंतु सरकार और एनएचएआई ने मिलकर नूरपुर की जनता विशेषकर कंडवाल से सिवनी तक के लोगों को एक बड़ा झटका देते हुए उनकी एनएच के किनारे की व्यापारिक जमीनों के दाम कौड़ियों में लगाए हैं। जिससे लगभग 3781 प्रभावित लोगों को आत्महत्या करने पर सरकार ने मजबूर कर दिया है।

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राजेश पठानिया में बताया कि हिमाचल फोरलेन लोक बॉडी ने पठानकोट मंडी फोरलेन परियोजना को शुरू करवाने हेतु  उन्होंने अक्टूबर 2019 को 17 दिन तक आमरण अनशन नूरपुर के चौगान मैदान में किया था।अब सरकार ने हर मालिक की भूमि को दो बार अधिग्रहित किया है ,जो की जनता के साथ धोखा करने जैसा है।

सरकार ने सड़क यानी एनएच के किनारे की जमीन जिसका मौजूदा मूल्य 5 लाख रुपये मरले से कम नहीं है उसका उन्होंने रेट करीब 2 लाख रुपये कनाल आका है।जिससे कि सभी लोग तबाह हो गए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर जनता को गुमराह करते हुए अंतिम समय तक जनता को झूठ बोला कि आपको बहुत अच्छे रेट दिए जा रहे हैं।हमें मुआवजा तो दूर हमारी कीमती जमीनों की कीमत सरकार ने कौड़ियों में लगाई है।

जिस जमीन को लोगों ने 2012 मे 2 लाख रुपये मरला खरीदा अब सरकार उसका मूल्य 2 लाख कनाल लगा रही है। जोकि सरासर जनता के साथ अन्याय हैं।राजेश ने कहा कि लोग इस परियोजना को शुरू होने में अत्यधिक देरी के कारण बैंकों के कर्ज में डूबे हुए हैं और अब सरकार द्वारा कम कीमत उन्हें आत्महत्या करने को मजबूर कर रही है।उन्होंने सरकार से निवेदन करते हुए कहा कि तुरन्त हस्तक्षेप करते हुए इस परियोजना का भू अधिग्रहण रोका जाए और प्रभावितों को मार्केट वैल्यू के आधार पर फैक्टर 2 के हिसाब से ब्याज सहित मुआवजा दिया जाए।

राजेश पठानिया ने कहा कि अगर हमारे पठानकोट मंडी फोरलेन परियोजना के प्रभावितों में से किसी ने भी अपनी जमीनों को लूटते हुए देख किसी अनहोनी को अंजाम दिया तो इसकी सीधे तौर पर जिम्मेदारी सरकार की होगी।अतः सरकार से निवेदन है कि इस भू अधिग्रहण प्रक्रिया को रोक दिया जाए।जब तक कि विस्थापितों को उचित मुआवजा नहीं मिल जाता।उनकी जमीनों के रेट का दोबारा मूल्यांकन किया जाए। ताकि नूरपुर की जनता को न्याय मिल सके।

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