हिमाचल जनादेश करियां-भड़िया पुल हादसा विशेष ,ओवरलोड की बलि चढ़े परेल व करियां-भड़ियां पुल

हिमाचल जनादेश करियां-भड़िया पुल हादसा विशेष ,ओवरलोड की बलि चढ़े परेल व करियां-भड़ियां पुल

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 24 Feb, 2021 06:32 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर चम्बा स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, एम.एम.डैनियल(संपादक)

पुल पर ओवरलोड वाहनों को लाने-जाने में प्रतिबंध जमीनीस्तर पर कम और कानून के रखवालों की फाइलों में अधिक देखने को मिल रहे है। जिसकी वजह से महज साढ़े तीन वर्षों के अंतराल में जिला में भारी-भरकम दो माल वाहनों के कारण दो पुल टूटने के हादसे अवश्य घटित हो गए।

हालांकि दोनों हादसों में जानी नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन इन हादसों से सरकारी संपत्ति को नुकसान सहित विभागीय व चालकों की लापरवाहियां जरूर उजागर हो गई। जिस पर मंथन करने की आज अति-आवश्यकता है।

हालांकि प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द भड़ियां पंचायत को मुख्यालय से जोड़ना जिला प्रशासन व एनएचपीसी द्वारा बात कही जा रही है। जबकि इस दिशा में जिला प्रशासन का कड़ा रवैया देखते हुए एनएचपीसी व लोनिवि चंबा इसकी जिम्मेवारी एक दूसरे पर डाल रहे है।

जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने जहां एक और पुल की रिपेयर कार्योँ को प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश सहित पुल निर्माण व हैंडओवर न होने के विवाद को देखते हुए इसी निष्पक्ष जांच के संकेत भी दें डाले है। जिसका एक मुख्य कारण परेल नामक पुल टूटने के मात्र करीब साढ़े तीन वर्ष के अंतराल में यह पूल टूटने का दूसरा हादसा घटित होना है। 

कब घटित हुआ था परेल पुल टूटने का हादसा -
गौर हो कि वर्ष 2017 चंबा पठानकोट एनएच को द्रम्मण तीसा एनएच से लिंक करने वाले परेल पुल के टूटने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह हादसा सुबह आठ बजे के समय इंटो से लदा एक भारी भरकम टिप्पर पुल से गुजर रहा था। जिसके वजन से अचानक पुल के बीचोंबीच एक जोरदार आवाज हुई और पुल धड़ाम से नीचे बह रही रावी नदी में जा गिरा।

जब तक पुल से गुजर रहे लोग होश संभाल पाते कंक्रीट से बना परेल पुल दोनों और से पहाड़ की तरह खड़ा हो गया। इस हादसे का शिकार बने लोगों में टिप्पर चालक, एक कार चालक,एक वाइक सवार  व तीन पैदल राहगीर पुल पर से गुजर रहे उसकी चपेट में आ गए। जिला प्रशासन ने भी तत्काल मौके पर पहुंच कर घटना स्थल का जायजा लिया।

हादसे की प्रारंभिक जांच में पता  चला है कि इस तरह से बने पुल की औसत आयु लगभग सत्तर वर्ष तक होती है। लेकिन महज बारह वर्ष के उपयोग के बाद ही इस पुल का धराशायी हो जाना। पुल के निर्माण से संबंधित अधिकारी और निर्माण करने वाली एजेंसी की दूरदर्शिता और गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। इसी संदर्भ में लोनिवि के उच्च अधिकारियों की एक जांच समीति पूरी जांच रिपोर्ट बना कर सरकार के सामने पेश करने का आदेश दिए गए। लेकिन धराशाही हुआ परेल पुल अभी भी मुकंमिल नहीं हो पाया है।

क्या कहते है एनएचपीसी प्रबंधन -:
करियां-भड़ियां पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद पुल निर्माण को लेकर विवादों में घिरे एनएचपीसी प्रबंधन ने अपने ऊपर लग रहे तमाम ओरोपों को सिरे से नाकार दिया है।प्रबंधन का कहना है कि वर्ष 2000 में तत्काकालीन उपायुक्त के अनुरोध पर पंचायत भड़ियां क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए उक्त पुल का निर्माण करवाया गया।जिसे पैदल से लेकर छोटे वाहनों में दो-चार पहिया वाहनों के वजन से डिजाइन कर निमिर्त करवाया गया। लेकिन जब इसे लोनिवि चंबा को हैड़ओवर किया जाने लगा तो लोनिवि ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर लेने से इंकार कर दिया।

जिसकी रिपोर्ट एनएचपीसी द्वारा जिला प्रशासन को देते हुए बताया था कि प्रशासन की डिमांड अनुसार ब्रिज तैयार कर दिया है। लेकिन लोनिवि इस पर भारी वाहनों की डिमांड को देखते हुए तकनीकी पहलूओं के चलते लेने सके इंकार कर रहा है। जिसके बाद एनएचपीसी की इस पुल से लगभग जिम्मेवारी पूर्ण हो जाती।

वहीं इस पुल का डिजाइन 18 टन वजन क्षमता यानि छोटे वाहनों का भार झेलने के अनुरूप तैयार किया गया। जिसका एक नोटिस बोर्ड भी पुल पर अंकित करवाया गया। लेकिन इसके बावजूद भी जब क्षमता से अधिक वजन यानि करीब 8 टन वजन का टिप्पर व 22 टन के आसपास मलवा लेकर वाहन उक्त पुल से गुजरेगा तो उसका परिणाम ऐसे ही प्राप्त होंगे। इन सब बातों के बावजूद भी एनएचपीसी द्वारा लोगों की असुविधा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र-अतिशीघ्र करियां-भड़िया क्षतिग्रस्त पुल की रिपेयर कर पुल दोबारा आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। 
-एसके संधु महाप्रबंधक एनएचपीसी दो-तीन 

क्या कहता है लोनिवि चंबा-:
करियां-भड़ियां पुल का निर्माण एनएचपीसी दो द्वारा करवाया गया है। जिसमें कुछ तकनीकी कमियों के चलते लोनिवि चंबा ने इस पुल को ग्रहण करने से इंकार कर दिया। जबकि भड़िया पंचायत के लोगों की वाहन सुविधा को देखते हुए इसी पुल के साथ में लोनिवि चंबा द्वारा अतिरिक्त 110 मीटर लंबे पुल का निर्माण करवा रहा है। इस पुल की नींव कार्य पूर्ण होने के साथ ही लोनिवि इंजीनियरों ने इसका सर्वेक्षण कर पुल डिजाइन तैयार कर मुम्बई मंजूरी के लिए भेजा था। जिसकी मंजूरी विभाग को प्राप्त हो गई है। जबकि चीफ आॅफिस में आगामी प्रक्रिया प्रगति पर है। जिसके पूर्ण होते ही पुल को अंतिम स्वरूप प्रदान करना आरंभ कर दिया जाएगा। जिसके निर्माण के पश्चात पैदल से लेकर बस योग्य पुल सुविधा से यहां की जनता जुड़ जाएगी। 

-जीत सिंह ठाकुर अधिशाषी अभियंता लोनिवि चंबा  

क्या कहते है उपायुक्त चंबा 
करियां-भडियां पुल के टूटने के तहत जांच के जहां आदेश दिए है। वहीं एनएचपीसी प्रबंधन को प्राथमिकता के आधार पर पुल की रिपेयर जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए है। जिससे विभिन्न कार्यों, रोजगार व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को आवागमन में अधिक दिनों तक परेशानी के दाँैर से न गुजरना पड़े। बाकि इस हादसे के कारणों में दोषी पाएं जाने वाले पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 
-डीसी राणा उपायुक्त चंबा 

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