जनादेश विशेष : पंजाब नगर निकाय चुनाव ने भाजपा की छीनी खुशियां तो गुजरात ने चार दिन बाद लौटाई

जनादेश विशेष : पंजाब नगर निकाय चुनाव ने भाजपा की छीनी खुशियां तो गुजरात ने चार दिन बाद लौटाई

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 24 Feb, 2021 11:53 am राजनीतिक-हलचल देश और दुनिया लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

संयोग देखिए चार दिन पहले ही कांग्रेस ने भाजपा का सूपड़ा साफ किया था अब भाजपा ने कांग्रेस का सफाया कर दिया । उस दिन कांग्रेस को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा नेताओं में मायूसी छाई थी अब कांग्रेसी नेताओं का वही हाल है । जी हां, हम बात कर रहे हैं पंजाब और गुजरात में हुए निकाय चुनावों की । 

18 फरवरी को पंजाब निकाय चुनाव के जैसे-जैसे नतीजे आते जा रहे थे भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ होता जा रहा था । पंजाब निकाय चुनाव के पूरे नतीजों के बाद भाजपा के सफाए का ठीकरा कृषि बिल और किसानों का आंदोलन माना गया । निकाय चुनाव में मिली करारी हार की गूंज पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा केंद्रीय नेतृत्व को बेचैन कर गई । दूसरी ओर पंजाब के निकाय चुनाव में मिली एकतरफा जीत के बाद कांग्रेसियों ने सड़क पर उतरकर जश्न मनाया। 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से लेकर दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान को केंद्र सरकार पर कृषि कानून और किसान आंदोलन को लेकर हमला करने का मौका मिल गया । लेकिन ठीक 4 दिन बाद कांग्रेस की खुशियों में उस समय ग्रहण लग गया जब 23 फरवरी मंगलवार को गुजरात में हुए निकाय चुनाव के आए परिणामों ने भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस का सफाया कर दिया । गुजरात के स्थानीय निकाय के चुनावों में बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की । पिछले चुनावों के मुकाबले बीजेपी ने शहरी इलाकों में सफलता का परचम ज्यादा सीटें जीत कर लहराया । 

बता दें कि छह महानगर पालिका की 576 सीटों पर 21 फरवरी को मतदान कराया गया था। गुजरात के 6 महानगर पालिका चुनावों में एक बार फिर भाजपा का परचम लहराया है। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर और भावनगर में भाजपा का कब्जा रहा । भाजपा ने इन शहरो में 489 यानी 85, प्रतिशत और कांग्रेस ने 46 यानी आठ प्रतिशत सीटें जीतीं। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी सूरत में शानदार प्रदर्शन करते हुए जहां दूसरे नंबर की पार्टी बन गई, कांग्रेस यहां खाता भी नहीं खोल पाई। 

गुजरात की अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जामनगर तथा भावनगर महानगर पालिका के चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है। भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतर कर खूब जश्न मनाया, इस दौरान अहमदाबाद में गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे ।

गृह राज्य गुजरात ने मोदी-अमित शाह को एक बार फिर नहीं किया निराश, नड्डा भी झूमे--
मंगलवार को गुजरात में निकाय चुनाव में मिली भाजपा को शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के चेहरे पर खुशियां लौट आईं। पंजाब के निकाय चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद गृह राज्य गुजरात ने पीएम मोदी और अमित शाह को एक बार फिर निराश नहीं किया ।

 गुजरात नगर निगम चुनाव में भाजपा को मिली बड़ी जीत के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, 'शुक्रिया गुजरात' प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य भर में नगर पालिका चुनावों के परिणाम स्पष्ट रूप से लोगों में विकास और सुशासन की राजनीति के प्रति अटूट विश्वास दिखाते हैं, फिर से बीजेपी पर भरोसा करने के लिए राज्य के लोगों का आभारी हूं, पीएम मोदी ने कहा कि हमेशा गुजरात की सेवा करना सम्मान की बात है । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात नगर निगम चुनावों में बीजेपी को मिली बड़ी जीत पर कहा कि जनता ने ये साबित कर दिया कि गुजरात बीजेपी का गढ़ है । 

अमित शाह ने कहा कि मैं फिर से इस बात को दोहराना चाहता हूं किसान आंदोलन, कोरोना समेत कई तरह की भ्रांतियों को विपक्ष ने खड़ा करने का प्रयास किया था । उन्होंने कहा कि हर भ्रांति को तोड़ते हुए एक के बाद एक नतीजे आए हैं । वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुजरात की जनता का आभार जताया। नड्डा ने कहा कि गुजरात भाजपा की यह ऐतिहासिक जीत प्रदेश की जनता की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन-कल्याणकारी और विकास की नीतियों में अटूट विश्वास से हुई है। नगर पालिका चुनावों के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गुजरात बीजेपी का गढ़ है और वर्तमान में कोई भी इस गढ़ में सेंध नहीं लगा सकता है ।

भाजपा के गढ़ में आम आदमी पार्टी ने भी की एंट्री, अहमदाबाद में ओवैसी भी फायदे में रहे---
बता दें कि भाजपा के गढ़ गुजरात में आम आदमी पार्टी ने भी अपनी शानदार एंट्री की है । वहीं दूसरी ओर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी अहमदाबाद में सात सभासद की सीटें जीतने में कामयाब हुए।ओवैसी की यह छोटी सी जीत इसलिए महत्वपूर्ण है कि उन्होंने भी भाजपा के गढ़ में सेंध लगा दी है । सूरत में आम आदमी पार्टी ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया है।

 सूरत के निकाय चुनाव में जीत को आम आदमी पार्टी केजरीवाल के दिल्ली मॉडल की जीत के तौर पर देख रही है । इन चुनावों के परिणामों से उत्साहित दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 26 फरवरी को सूरत में रोड शो करने का एलान किया है । वहीं कांग्रेस को सबसे जबरदस्त झटका सूरत में लगा है । कांग्रेस पार्टी यहां एक भी सीट पर खाता नहीं खोल पाई । सूरत की 120 सीटों में से भाजपा ने 93 पर जीत दर्ज की। वहीं 27 सीटें जीतकर सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने गुजरात में अपनी एंट्री दर्ज कराई है। 

केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के लोगों ने काम की राजनीति को वोट दिया है। लोग भाजपा और कांग्रेस की राजनीति से त्रस्त थे। लोगों को एक विकल्प चाहिए था और आम आदमी पार्टी के रूप में उनको यह विकल्प मिला है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि अब आने वाला चुनाव सिर्फ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच होगा।

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