रिवालसर :राज्यस्तरीय छेश्चु मेले का आगाज,धार्मिक महत्वा के चलते पूरे विश्व मे रिवालसर की अपनी एक अलग पहचान

रिवालसर :राज्यस्तरीय छेश्चु मेले का आगाज,धार्मिक महत्वा के चलते पूरे विश्व मे रिवालसर की अपनी एक अलग पहचान

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 21 Feb, 2021 04:11 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल धर्म-संस्कृति स्लाइडर मण्डी मनोरंजन स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश ,रिवालसर ( लक्ष्मीदत्त शर्मा) 

देव भूमि हिमाचल में रिवालसर को त्रिवेणी धर्म स्थली के रूप में जाना जाता है । विशेष धार्मिक महत्वा के चलते पूरे विश्व मे रिवालसर की अपनी एक अलग पहचान है।रिवालसर एक ऐसा ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थान है जिसका उलेख हिन्दू, बोद्ध व सिक्ख धर्म से जुड़े प्राचीन धार्मिक ग्रथों के पनों में दर्ज है। इस धरा को बाबा  धजा धारी, गुरू गोविंद सिंह और गुरु पद्मसम्भव के चरण पड़ने का सौभाग्य मिला है।

यह बात राज्य स्तरीय चेश्चु मेले के शुभारंभ की अध्यक्षता करते हुये  जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा ने अपने संबोधन में कही है।  उंन्होने कहा कि  मेले हमारी समृद्ध सभ्यता व संस्कृति के प्रतीक हैं। मेलों के माध्यम से न केवल आपसी भाईचारे की भावना को बल मिलता है, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं।  रिवालसर एक ऐसा विशेष स्थान है जहां पर तीन धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं।रिवालसर की धरती हमें एक दूसरे के प्रति भाईचारे का संदेश देती है । 

छेश्चु मेले का बड़ा धार्मिक महत्व है जिससे सालों से रिवालसर की धरती पर आयोजित किया जा रहा है। आज के मुख्यतिथी  मेले पर बौद्ध समुदाय को इस पर्व की बधाई देते कहा कि बढ़ती मोबाइल संस्कृति के कारण हमारी प्राचीन विरासत मेले अपना सांस्कृतिक स्वरूप खोते जा रहे हैं। उन्होंने मेलों की इस प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखने का आह्वान किया।

इससे पहले मुख्यातिथि के रूप में रिवालसर पंहुचने पर जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा का स्थानीय प्रसाशन व बौद्ध मंदिर कमेटी की ओर से जोरदार स्वागत किया। जिसके बाद मुख्यातिथि ने प्राचीन बौद्ध मंदिर में  पूजा अर्चना की तथा महात्मा बुद्ध और गुरु पद्मसम्भव की प्रतिमा के सामने शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। 

ततपश्चात उपतहसील  रिवालसर कार्यलय के प्रागण  में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए  दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय छेश्चु मेले के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की, इस दौरान स्थानीय महिला मंडलों के सदस्यों द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बौद्ध गुरु आचार्य रमेश नेंगी ने गुरु पद्मसम्भव की जीवनी व रिवालसर के छेस्चु पर्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला।

बौद्ध गुरु पद्मसम्भव की तपोस्थली रिवालसर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रिवालसर के छेस्चु मेले के जिला परिषद मंडी के अध्यक्ष पाल वर्मा द्वारा विधिवत  शुभारम्भ किया गया ।इससे पूर्व इन्होंने निगमापा बौद्घ मन्दिर में  पूजा अर्चना की । मन्दिर कमेटी ने उनका  जोरदार स्वागत किया गया । मेला अधिकारी बल्ह एस डी एम बल्ह आशीष शर्मा  की अगुवाई में मुख्यतिथि पाल वर्मा का नगर पंचायत रिवालसर के प्रवेश द्वार पर नगर पंचायत के पदाधिकारियों व अन्य लोगो ने जोरदार  स्वागत किया।

कार्यक्रम के शुभारंभ मौके पर बौद्ध गुरु आचार्य रमेश नेंगी ने गुरु पद्मसम्भव की जीवनी व रिवालसर के छेस्चु पर्व पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला ।इस मौके पर नगर पंचायत रिवालसर की अध्यक्ष रीता देवी ,उपाध्यक्ष  कश्मीर यादव , नायब सुरेन्द्र कुमार,प्रधान लोअर रिवालसर कौशिल्या देवी, सरकीधार प्रधान धर्मा देवी ,बी डी सी सदस्य मीना देवी,  के अलावा सभी विभागों के विभागाध्यक्ष सहित कई लोग उपस्थित थे । इस  मौके पर क्षेत्र की महिला मंडल की महिला  कलाकारो ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया ।

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