कौन है दीप सिद्धू, जिस पर लग रहा किसानों को भड़काने का आरोप,पढ़े जरूर एक बार 

कौन है दीप सिद्धू, जिस पर लग रहा किसानों को भड़काने का आरोप,पढ़े जरूर एक बार 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 27 Jan, 2021 12:01 pm राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार देश और दुनिया लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,न्यूज़ डेस्क 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे पंजाब के एक्टर और सिंगर दीप सिद्धू का नाम सामने आ रहा है।किसान नेता आरोप लगा रहे हैं कि दीप सिद्ध ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा करने के लिए भड़काया है।  

वहीं, गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर प्रदर्शनकारियों की ओर से एक धार्मिक झंडा फहराये जाने का दीप सिद्धू ने बचाव किया है। सिद्धू ने फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि उन्हें कोई साम्प्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए जैसा कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है। 

दीप सिद्धू का कहना है कि ‘नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने 'निशान साहिब' और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया।  किंगफिशर मॉडल हंट पुरस्कार जीतने से पहले वह कुछ समय के लिए बार का सदस्य थे. 2015 में, दीप सिद्धू की पहली पंजाबी फिल्म- रमता जोगी ने सिनेमाघरों में धूम मचाई। हालांकि, 2018 में उन्हें फिल्म जोरा दास नम्ब्रिया से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल हुई, जिसमें उन्होंने एक गैंगस्टर की मुख्य भूमिका निभाई थी। 

सनी देओल के साथ क्यों जुड़ रहा नाम?
यह जानना महत्वपूर्ण है कि दीप सिद्धू 2019 में गुरदासपुर चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा सांसद सनी देओल की ओर से नियुक्त टीम का हिस्सा थे।  हालांकि, सनी देओल ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपना 6 दिसंबर, 2020 का एक पोस्ट शेयर किया है।  जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि उनका दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है। सनी देओल ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा- "आज लाल किले पर जो हुआ, उसे देखकर मन बहुत दुखी हुआ है। मैं पहले भी 6 दिसंबर को फेसबुक के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है। 


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‘भाजपा-आरएसएस एजेंट’ होने का आरोप
बाद में उन्होंने शंभू सीमा पर एक स्थायी धरना मंच बनाने का फैसला किया और किसानों व पंजाब की चिंताओं के बारे में बात करने के लिए अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स का इस्तेमाल किया। कई किसान संगठनों ने दीप सिद्धू की भागीदारी का विरोध किया और यहां तक ​​कि पीएम नरेंद्र मोदी और सांसद सनी देओल के साथ उनकी तस्वीरों के कारण उन पर “भाजपा-आरएसएस एजेंट” होने का आरोप लगाया। हालांकि दीप सिद्धू ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया। 

दीप सिद्धू का क्या कहना है?
दीप सिद्धू का कहना है कि ‘नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने 'निशान साहिब' और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया। जब लोगों के वास्तविक अधिकारों को नजरअंदाज किया जाता है तो इस तरह के एक जन आंदोलन में ''गुस्सा भड़क उठता है। आज की स्थिति में, वह गुस्सा भड़क गया। 

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