कांग्रेस की बैठक आज: असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी और नए अध्यक्ष पद का इस बार एलान कर पाएंगी सोनिया गांधी

कांग्रेस की बैठक आज: असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी और नए अध्यक्ष पद का इस बार एलान कर पाएंगी सोनिया गांधी

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 22 Jan, 2021 08:49 am राजनीतिक-हलचल देश और दुनिया सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, शंभू नाथ गौतम (वरिष्ठ पत्रकार)

पांच महीने बाद कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार एक बार फिर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को लेकर उम्मीद लगाए हुए है। आज डिजिटल माध्यम से 10:30 बजे शुरू होने जा रही सीडब्ल्यूसी की बैठक को लेकर पार्टी के नेताओं समेत विपक्ष की भी निगाहें लगी हुई है।‌ शुक्रवार को होने वाली बैठक में सोनिया गांधी के लिए कांग्रेस के नए अध्यक्ष पद की ताजपोशी और असंतुष्ट नेताओं को मनाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

बता दें कि पिछले वर्ष 24 अगस्त को कांग्रेस कार्य समिति की हुई बैठक से पहले 23 असंतुष्ट नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी में पार्टी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे । उसके बाद कांग्रेस की बैठक में इन नेताओं के लिखी गई चिट्ठी पर अच्छा खासा हंगामा भी हुआ थ। पांच महीने के बाद भी सोनिया गांधी इन नाराज नेताओं को मना नहीं पा रहीं हैं। हालांकि असंतुष्ट खेमे की नाराजगी दूर करने के लिए पिछले महीने 19 दिसंबर को सोनिया गांधी की बुलाई गई बैठक के बाद इनके तेवर कुछ नरम जरूर पड़े, मगर अभी भी अध्यक्ष चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने का उनका विकल्प बंद नहीं हुआ है।

हम आपको बता दें कि कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं, गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और मनीष तिवारी आदि ने अभी स्पष्ट राय नहीं रखी है, जिससे गांधी परिवार उधेड़बुन में है। इसी को लेकर सोनिया गांधी ने पार्टी को एकजुट करने और स्थाई नेतृत्व पर मंथन करने के लिए सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई है।
 
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पार्टी के नेताओं का बड़ा वर्ग राहुल को अध्यक्ष बनाने की काफी समय से कर रहा पैरवी
आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी का एक बड़ा धड़ा काफी लंबे समय से राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की जोरदार तरीके से पैरवी कर रहा है। लेकिन एक असंतुष्ट खेमा ऐसा भी है जो पार्टी के नेतृत्व को लेकर अभी भी चुप्पी साधे हुए है।‌ यही नहीं कांग्रेस शासित चारों राज्यों के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और नारायण सामी भी राहुल के ही समर्थन में हैं। पार्टी की मौजूदा हालत और नेतृत्व की शैली पर सवाल उठाने वाले 23 असंतुष्ट नेताओं के खेमे में इसको लेकर अभी दुविधा और सस्पेंस दोनों है। क्या कांग्रेस अध्‍यक्ष की ताज फिर एक बार राहुल गांधी के सिर सजेगी ? इस सवाल का जवाब कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विरोधी पार्टियों को भी है। माना जा रहा है कि इस बैठक में अध्यक्ष के चुनाव को हरी झंडी दी जा सकती है और चुनाव तिथि का एलान भी हो सकता है। बता दें कि इसी महीने के आखिरी में संसद का बजट सत्र भी शुरू होने जा रहा है ऐसे में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को नाराज नेताओं के साथ विपक्ष को भी एकजुट करने की चुनौती होगी। कांग्रेस के भीतर मचे घमासान और नए अध्यक्ष के नाम का एलान न कर पाने पर भाजपा के नेता गांधी परिवार पर वंशवाद के आरोप लगा रहे हैं।

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