शाह-नड्डा के बाद 'नेताजी की जयंती' पर बंगाल में अब पीएम मोदी का दीदी के खिलाफ 'मेगा शो'

शाह-नड्डा के बाद 'नेताजी की जयंती' पर बंगाल में अब पीएम मोदी का दीदी के खिलाफ 'मेगा शो'

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 21 Jan, 2021 08:05 am राजनीतिक-हलचल देश और दुनिया सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर आधी दुनिया



हिमाचल जनादेश, शंभू नाथ गौतम (वरिष्ठ पत्रकार)
आज बात शुरू करने से पहले वर्ष 1978 में आई अमिताभ बच्चन जीनत अमान अभिनीत फिल्म डॉन के प्रसिद्ध गाने की चंद लाइनें याद कर लेते हैं। इस गाने के बोल कुछ इस प्रकार हैं, 'जिसका मुझे था इंतजार जिसके लिए दिल था बेकरार वो घड़ी आ गई, आ गई आज प्यार में हद से गुजर जाना है, मार देना है तुझको या मर जाना है' । ऐसा ही कुछ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में 23 जनवरी को लेकर इन दिनों चल रहा है।

हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल में 3 महीने के अंदर होने वाले विधानसभा चुनावों की। अभी तक गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बंगाल में तूफानी दौरे करके मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस बार सत्ता से हटाने के लिए पूरा जोर लगा रखा है। वहीं 'अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी बंगाल के चुनावी माहौल में एंट्री होने जा रही है, आज से 3 दिन बाद यानी 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर पीएम मोदी ने दीदी से दो-दो हाथ करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है'।

बता दें कि इस बार नेताजी की जयंती पर बीजेपी और टीएमसी दोनों नेताजी के नाम पर अपना-अपना वोट बैंक बुलंद करना चाहते हैंं, ऐसे मेंं भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में नए सिरे से खींचतान शुरू हो गई है। 'दोनों राजनीतिक दलों में इस बात की होड़ मची है कि कौन नेताजी की जयंती बेहतर ढंग से मनाता है, सही मायने में बंगाल में नेताजी के नाम पर नेतागिरी पूरे चरम पर है' । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे से टीएमसी की चिंता बढ़ गई है।


बंगाल के चुनावी माहौल में नरेंद्र मोदी का यह पहला दौरा
यहां हम आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए माहौल बनाने में जुटे हुए हैं । अब उसकी कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाल ली है। चुनावी माहौल में प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला दौरा बीजेपी कार्यकर्ताओं में जोश का संचार करेगा। बता दें कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती वर्ष को यादगार बनाने के लिए मोदी सरकार कई कोशिशें कर रही हैं । गौरतलब है कि बंगाल चुनाव से कुछ महीने पहले और कोरोना महामारी के दौर में प्रधानमंत्री का पहला कोलकाता दौरा होगा। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को लेकर भारत सरकार ने कई दिनों तक कार्यक्रम आयोजित करने केेे लिए खाका तैयार कर लिया है ।‌ गौरतलब है कि नेताजी की जयंती को सरकार ने 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है । बता दें कि पीएम मोदी खुद इस मौके पर कोलकाता में मौजूद रहेंगे और ऐतिहासिक विक्टोरिया हाउस में सुभाष चंद्र बोस की याद में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे। पीएम इस मौके पर नेताजी के परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित करेंगे। 

 

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23 जनवरी को मोदी बंगाल की धरती से करेंगे चुनाव का शंखनाद
पश्चिम बंगाल चुनाव भले ही मई में हों, लेकिन अभी से राजनैतिक पारा चढ़ा हुआ है।  बीजेपी और टीएमसी दोनों आमने-सामने नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की एंट्री से माहौल और ज्यादा गर्म होने की उम्मीद है। मोदी के दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई बेहद उत्साहित है। इसके लिए भाजपा ने कई दिनों से तैयारी शुरू कर दी है। कार्यकर्ताओं ने कोलकाता की सड़कों को बीजेपी के झंडे बैनर के साथ सजाना शुरू कर दिया है। भाजपाइयों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कई जगह बैनर और होर्डिंग लगवा दिए हैं । केंद्र सरकार भले ही इसे सरकारी कार्यक्रम बता रही हो, लेकिन सुभाष चंद्र बोस के नाम पर पिछले काफी दिनों से दोनों दल अपने-अपने तरीके से राजनीति कर रहे हैं। ऐसे में केंद्रर की भाजपा सरकार का नेताजी के जन्मदिन पर पराक्रम दिवस मनाना, प्रधानमंत्री का स्वयं कोलकाता जाना संयोग नहीं है। दरअसल पीएम का कोलकाता जाना चुनावी रणभेरी का शंखनाद माना जा रहा है। अब देखना ये है कि तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को लेकर क्या रुख अख्तियार करती है।

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