सत्ता परिवर्तन: अमेरिका में कल से नई सरकार, जो बाइडेन और भारत की दोस्ती कितनी चढ़ेगी 'परवान' 

सत्ता परिवर्तन: अमेरिका में कल से नई सरकार, जो बाइडेन और भारत की दोस्ती कितनी चढ़ेगी 'परवान' 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 19 Jan, 2021 02:44 pm देश और दुनिया सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर आधी दुनिया


हिमाचल जनादेश, शंभू नाथ गौतम (वरिष्ठ पत्रकार)
कल से सबसे मजबूत सरकार दुनिया के सामने होगी। कुछ दिनों से भारत के साथ कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष इस नई सरकार के गठन को लेकर निगाहें लगाए हुए हैं । जी हां हम बात कर रहे हैं अमेरिका की । कल 20 जनवरी है, यह तारीख अमेरिका में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के लिए जानी जाती है । 'जो बाइडेन यूएसए के 46वें राष्ट्रपति बनने की तैयारी कर रहे हैं । बुधवार को वह शपथ लेने के बाद दुनिया के सबसे ताकतवर नेता बन जाएंगे और अमेरिका में नई सरकार का गठन हो जाएगा' । बात को आगे बढ़ाएं उससे पहले बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव और शपथ ग्रहण में लगभग ढाई महीने का अंतराल होता है । आइए अब आपको बताते हैं नए अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत के संबंधों में कितनी मिठास आएगी ? अगर हम पिछले तीन दशक की बात करें तो भारत और अमेरिका के संबंध और प्रगाढ़ होते चले गए । बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश जूनियर, बराक ओबामा से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल में भारत के साथ दोस्ती खूब परवान चढ़ी । फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं दिखता, जिससे लगे कि बाइडेन की भारत को लेकर नीति में कोई बड़ा बदलाव आएगा। अटलजी और मनमोहन के दौर में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार शुरू हुआ, यह अब भी जारी है।पिछले 4 साल से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी के साथ दोस्ताना अंदाज के साथ अमेरिका से मधुर संबंध रहे ।‌ अब भारत सरकार भी उम्मीद लगाए बैठी है कि नए राष्ट्रपति बाइडेन भारत के साथ सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे ।‌ बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूदा समय में विश्व के ताकतवर नेताओं की श्रेणी में शुमार हैं । 


भारत को लेकर बाइडेन ट्रंप की नीतियों पर चलेंगे या बदलाव करेंगे ?
बाइडेन को लेकर भारत में एक सवाल हर कोई जानना चाहता है। और वो ये कि भारत को लेकर उनकी नीति क्या और कैसी होगी? वे ट्रंप के रास्ते पर ही चलेंगे या कुछ बदलाव करेंगे। बता दें कि अमेरिकी नए राष्ट्रपति डेमोक्रेटिक पार्टी के हैं ।

'जगजाहिर है कि डेमोक्रेट्स का एक हिस्सा मानवाधिकार पर ज्यादा फोकस करता हैै, हमने भारत में सीएए-एनआरसी के मामलों में उनका कठोर रवैया देखा है' । भारत मूल की अमेरिकी नागरिक कमला हैरिस उपराष्ट्रपति बनने जा रहीं हैं । 'हैरिस भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत संबंधों के लिए जानी जाती है, हालांक‍ि जब भारत ने 370 अनुच्‍छेद का संशोधन किया था उस वक्‍त ट्रंप प्रशासन मौन था, लेकिन कमला हैरिस के बयान से भारत को असुविधा हुई थी' । हैरिस ने भारत की निंदा की थी। 'हैरिस ने कहा था कि हमें कश्‍मीरियों को याद दिलाना होगा कि वे दुनिया में अकेले नहीं है' । उन्‍होंने कहा था कि हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अगर स्थिति बदली तो हस्‍तक्षेप करने की जरूरत पड़ेगी। उस वक्‍त भारत सरकार ने कहा था यह हमारा आंतरिक मामला है, लेकिन अब यह देखना दिलचस्‍प होगा कि क्‍या बाइडेन प्रशासन भारत की असल चिंता समझने को तैयार होता है या नहीं। ऐसे ही रूस से हम एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद रहे हैं। इसको लेकर अमेरिका को कुछ ऐतराज हैं, यानी कुछ मामले तो चलते रहेंगे। कूटनीतिक या व्यावसायिक रिश्तों में कोई बदलाव थोड़ा बहुत भले देखने को मिले लेकिन जहां बात वैश्विक हितों की आएगी वहां बहुत असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत की भूमिका और अमेरिकी भारतीयों का महत्व खुद अमेरिका के लिए बहुत मायने रखेगा। व्यापार नीति में बाइडेन प्रवासियों के लिए वीजा पॉलिसी आसान रखने के पक्षधर हैं। जिसका फायदा भारतीयों को भी मिलेगा, बता दें कि ट्रंप ने ये नियम बेहद कड़े कर दिए थे। जैसा कि हमने इसे दीपावली पर देखा था बाइडेन, कमला अमेरिका में रह रहे भारत के लोगों के साथ इस त्योहार की खुशियों में शामिल हुए थे और शुभकामनाएं दी थी। 

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चीन बनाम भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर अमेरिका का तालमेल होगा महत्वपूर्ण
भारत और चीन की पिछले एक साल से तनातनी चल रही है । उस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति काफी उदारवादी रवैया अपनाया हुआ था ।‌ अब भारत नए राष्ट्रपति जो बाइडेन से यही आशा लगाए हुए है । पाकिस्तान को लेकर बाइडेन की पॉलिसी क्या रहेगी ये भारत के लिए जरूरी होगा? चीन को लेकर बाइडेन के इरादे क्या रहेंगे इसका भी असर भारत-अमेरिकी रिश्तों में अहम भूमिका निभाएगा। भारत और अमेरिका के लिए चीन साझा चुनौती है। इसलिए बाइडेन को भारत को साथ लेकर चलना ही होगा, क्योंकि हर लिहाज से भारत उभरती हुई शक्ति है। 'राष्ट्रपति  प्रचार के दौरान बाइडेन साफ कर चुके हैं कि वे चीन को लेकर बहुत सख्त रवैया अपनाएंगे। जहां तक पाकिस्तान की बात है, तो बाइडेन जानते हैं और बोल भी चुके हैं कि वो डबल गेम खेल रहा है'। अगर वो चीन की तरफ इसी तरह झुकता रहा, तो उसकी भी मुश्किलें बढ़ेंगी। बता दें कि भारत के पिछले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बाइडेन ने जो कहा था वो आने वाले दिनों में बहुत प्रभाव डालने वाला हो सकता है । उन्होंने कहा था कि अमेरिका-भारत की गहरी दोस्ती से दुनिया सुरक्षित रहेगी ।‌ यहां हम आपको बता दें कि बाइडेन की व्हाइट हाउस में दस्तक के साथ भारत-अमेरिकी रिश्तों में भी नई गर्माहट आने की उम्मीद की जा सकती है।

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