अरसे बाद आई शुभ घड़ी: मंगल टीके के साथ देश में शुरू हुई कोरोना के अंत की लड़ाई

अरसे बाद आई शुभ घड़ी: मंगल टीके के साथ देश में शुरू हुई कोरोना के अंत की लड़ाई

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 16 Jan, 2021 07:08 pm राजनीतिक-हलचल देश और दुनिया ताज़ा खबर स्लाइडर स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, शंभू नाथ गौतम (वरिष्ठ पत्रकार)

16 जनवरी शनिवार को भारत के लिए एक नया उदय हुआ। जिसमें करोड़ों देशवासियों ने बुलंद आवाज करके कहा, 'हे विनाशकारी कोरोना अब तू भाग जा, तेरा इलाज ढूंढ लिया गया है'। पिछले वर्ष 2020 में देश के लोगों ने भयानक त्रासदी और अपनों को खोने का दंश झेला। घरों से लेकर सड़कों और अस्पतालों तक खौफनाक मंजर, जिसे हमारा देश वर्षों तक भूल नहीं पाएगा। उस संकटकाल में लोगों के जेहन में बस यही ख्याल आता था कि इस महामारी पर हम विजय कब प्राप्त करेंगे। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद वह 'शुभ घड़ी' आई जिसका देशवासियों को इंतजार था। शनिवार को भारत ने इतिहास रचते हुए कोरोना महामारी के अंत की शुरुआत कर दी । 'मंगल टीके के श्री गणेश' के साथ बाद देश में एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं।बात को आगे बढ़ाएं उससे पहले आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से वैक्सीन के टीकाकरण को लेकर पूरे देश में खुशियों का माहौल था । सुबह से ही वैक्सीन अभियान शुरू होने से पूरे देश में उत्सव और जश्न का माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के संबोधन के जरिए वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की।

बता दें कि भारत ने 'सर्वे भवन्तु सुखिन' के नारे के साथ इस अभियान की शुरुआत की। उसके बाद एम्स के एक कर्मचारी को पहला टीका लगाया गया। इसके साथ ही वे कोरोना का वैक्सीन लेने वाले देश के पहले नागरिक बन गए हैं। उसके बाद एम्स क डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी टीका लगवाया । इसी के साथ भारत में टीका अभियान शुरू हो गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना टीका विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत की है। यहां हम आपको बता दें कि वैक्सीनेशन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो गए। कोरोना काल के मुश्किल वक्त को याद कर उनकी आंखें नम हो गईं और गला भर आया। गौरतलब है कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्रा जेनेका की कोविशील्ड को क्लिनिकल ट्रायल के बाद मंजूरी दी गई है।


दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है । दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है, और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है । दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं ये बात फिर याद दिलाना चाहता हूं कि कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है । उन्होंने लोगों से प्रार्थना की कि आप दो डोज जरूर लगवाएं, एक डोज लगवाने के बाद भूल न जाएं, पीएम ने कहा कि पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा, इसे भी ध्यान रखें, दूसरी डोज लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी शक्ति विकसित हो पाएगी। पीएम ने कहा कि जैसा धैर्य आपने कोरोना काल में दिखाया था, वैसा ही धैर्य आप वैक्सीनेशन के समय भी दिखाएं, पीएम ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद भी शारीरिक दूरी और मास्क जरूरी होगा। 

 

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भारत पिछले एक साल से इस महामारी से लड़ रहा था
देशव्यापी टीकाकरण अभियान से जोश में आए पहले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि यह कोविड-19 के अंत की शुरुआत है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना वैक्सीन इस बीमारी के खिलाफ संजीवनी का काम करेगा। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है । स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हम और हमारा देश पिछले एक साल से इस महामारी से लड़ रहे थे । उन्होंने कहा कि ये वैक्सीन संजीवनी के तौर पर काम करेगा । कोरोना टीकाकारण कार्यक्रम के दौरान वैक्सीन लगवाने के लिए एक फोटो आईडी प्रूफ के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद वैक्‍सीन की उपलब्‍धता और प्रॉयरिटी के आधार पर टीकाकारण का शेड्यूल बनाया जाएगा । फिर आपको एसएमएस भेजकर बताया जाएगा कि वैक्सीन कब और कहां लगनी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक वैक्सीन केवल 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है। दूसरी खुराक उसी वैक्सीन की होनी चाहिए जिसमें पहली डोज ली गई थी यानी कि वैक्सीन के इंटरचेंजिंग की अनुमति नहीं है।

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