व्यंग्य: बर्ड फ्लू के बाद चिकन वालों के चहेरों में छाई 'शिकन' 

व्यंग्य: बर्ड फ्लू के बाद चिकन वालों के चहेरों में छाई 'शिकन' 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 07 Jan, 2021 05:18 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा शिमला आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, सूरज कौंडल
विदेशी परिंदों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद से ही जिला कांगड़ा के देहरा, फतेहपुर, ज्वाली ओर इंदौरा ब्लॉक में "चिकन" बिक्री की पूर्णतः रोक के बाद समूचे हिमाचल प्रदेश में चिकन व्यवसाय से जुड़े लोगों के माथे पर शिकन है। गौरतलब है कि चिकन व्यवसायी करोना काल में भी वो काफी नुकसान उठा चुके है और ऐसे में अगर बर्ड फ्लू का कहर बरपा तो उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से चरमरा जाएगी।

पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों का बढ़ेगा खर्च 

पंचायत चुनाव के चलते लोग व्यंग्य कर रहे है कि अगर हिमाचल में चिकन की बिक्री पर अगर रोक लगती है तो पंचायत चुनाव लड़ रहे कैंडिडेट्स का चुनाव खर्च भी बढ़ जाएगा क्योंकि चुनाव प्रत्याशियों को उनके प्रचारकों की भूख और थकान को मिटाने के लिए चिकन थोड़ा सस्ता साधन है लेकिन अगर इस पर भी रोक लग गई तो प्रत्याशियों के खर्चे काफी बढ़ जाएंगे।इसी कशमकश ने प्रत्याशियों के चहेरों में शिकन भर दी है।

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अच्छे दिन की आस में हाल ही में बढ़े थे दाम 

बताते चले कि सर्दियों और चुनावी बेला में चिकन और अंडे की मांग अन्य मौसमों की अपेक्षा बढ़ जाती है। अच्छे दिनों की आस में कुछ समय पहले ही चिकन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने दाम बढ़ाएं नहीं कि विदेशी पक्षियों की रमणीय स्थली पौंग डैम में एकाएक भारी संख्या में पक्षियों की मौत ने सबको सकते में डाला। जब इस मामले को लैब में खंगाला गया तो  5 राज्यों समेत हिमाचल प्रदेश में एच1एन5 वायरस की पुष्टि हो गई। इसके बाद एहतियात के तौर पर सुरक्षा कदम उठाएं जाने के चलते उक्त क्षेत्रों में चिकन की बिक्री पर पूर्णतया रोक लग चुकी है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में चिकन व्यवसाय से जुड़े लोगों की 'धुकधुकी' बढ़ रही है।

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