नए वर्ष के आगाज संग हिमाचली संस्कृति का नया शुंगड़ो गीत रिलीज

नए वर्ष के आगाज संग हिमाचली संस्कृति का नया शुंगड़ो गीत रिलीज

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 04 Jan, 2021 08:05 am प्रादेशिक समाचार धर्म-संस्कृति ताज़ा खबर स्लाइडर मनोरंजन आधी दुनिया

 

हिमाचल जनादेश, धर्मशाला (ब्यूरो)

नए वर्ष के आगाज के साथ ही हिमाचली संस्कृति के नए गीत शुंगड़ो को आज रविवार के दिन रिलीज कर दिया गया। मुख्यातिथि के रूप में शास्त्रीय संगीत के गुरू एवं बीएड कॉलेज धर्मशाला में लंबे समय तक संगीत प्रध्यापक व मौजूदा समय में नगरोटा बगवां में संगीत प्रध्यापक प्रो. सुरेश शर्मा व पिछले 22 वर्षों से गल्र्ज स्कूल धर्मशाला को गीत-संगीत के क्षेत्र की बुलदियों में पहुंचाने वाली संगीत प्रध्यापक रेखा शर्मा ने गीत का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर बॉलीवुड में बतौर प्रोडक्शन डायरेक्टर काम कर चुके व शुंगड़ो गीत के लेखक, डायरेक्टर व अभिनय करने वाले धर्मशाला के नरेंद्र बड़ाण, फिमेल लीड वर्षा राजपूत व अन्य टीम मेंबर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। गीत को ट्रिब्यूट टू ट्राईब्स यूटयूब चैनल में रिलीज किया गया। वहीं गीत के रिलीज होते ही सोशल मीडिया में खूब धमाल मचाने शुरू कर दी है।

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में गुनगुन प्रोडक्शन हाऊस एंड मन्नू म्युजिक कंपनी के बैनर तले बने नए हिमाचली गीत को शुंगड़ो गीत को अपनी आवाज से लोक गायक सुधीर धीरू ने सजाया है। जबकि हिट हिमाचली नाटी चिंगफुंगली के लेखक नरेंद्र बड़ाण ने इस नए गीत को भी लिखा, कंपोजिशन, डायरेक्शन व अभिनय भी किया है। वहीं हिमाचल के उभतरे हुए केपी स्टूडियो के म्युजिक डायरेक्टर अरूण एटी ने संगीत से संवारा है। वहीं प्रसिद्ध मॉडल धर्मशाला की वर्षा राजपूत शूंगड़ो की मुख्य भूमिका में नज़र आ रही है। मुख्यातिथि प्रो. सुरेश शर्मा ने कहा कि हिमाचली संस्कृति को लेकर लेखक के रूप में नए गीत को लिखकर पूरे 12 महिनों के जीवन को 12 मिनट में फिल्माकर दर्शाया गया है, जो कि नए वर्ष के मौके पर हिमाचली संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का बेहतर प्रयास हुआ है।

उधर, नरेंद्र बड़ाण ने बताया कि हिमाचली संस्कृति को लेकर नए गीत को नए शब्दों व पुराने ठेठ शब्दों के तालमेल के साथ लिखा गया है। उन्होंने बताया कि संस्कृति को बारिकी से दिखाने के लिए रियल लोकेशन पर पहुंचकर शुटिगं की गई है। उन्होंने कहा कि गीत को यूटयूब चैनल ट्रिब्यूट टू ट्राईब्स चैनल में रिलीज कर दिया जाएगा।

 

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भेड़पालक के जीवन पर लिखा गया नया गीत शुंगड़ो
शुंगड़ो गीत नहीं जज़्बात है, एक पाल के जो महीनों अपने घर-परिवार से दूर रह कर खुले आसमान के नीचे ठिठुरते हुए सर्दी-गर्मी का सामना करते हैं। और जब वह घर आता है, तो अपनी पत्नी को गीत के माध्यम से अपनी आप बीती सुनाता है कि एक पाल की जिंदगी कितनी मुश्किल भरी होती है। फिर भी वह मुस्कुराता रहता है। ये एक एहसास है मेहनत का, जीवन जीने का ओर कुछ भी नहीं।

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