कांगड़ा: मटौर में रोजाना लग रही है वाहनों की कतारें, जनता त्रस्त अधिकारी बहानेबाजी में 'मस्त'

कांगड़ा: मटौर में रोजाना लग रही है वाहनों की कतारें, जनता त्रस्त अधिकारी बहानेबाजी में 'मस्त'

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 01 Dec, 2020 08:14 am प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा आधी दुनिया


हिमाचल जनादेश, धर्मशाला (ब्यूरो)
प्रदेश के व्यस्त मार्गों में शुमार पठानकोट-मंडी एनएच में मटौर पुल के दोनों तरफ पिछले 15 दिनों से रोजाना लम्बे लम्बे जाम लग रहे है। इस जाम के चलते अक्सर टांडा और दूसरे बड़े अस्पतालों में जाने वाले मरीजों की जान आफत में आ रही है। जिला मुख्यालय या अन्य क्षेत्रों में ड्यूटी पर जाने वाले सरकारी या निजी क्षेत्र के अधिकारी और कर्मचारी भी कार्यालयों में देरी से पहुंच पा रहे है।

मजाल है इसके बावजूद नुमाइंदों के कानों में 'जूं' रेंग जाएं।सभी के पास एक ही रटा-रटाया बहाना है कि 'दूसरे' पुल की मरम्मत का काम चला है। इसके चलते असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। भारत को विश्व के विकसित देश की श्रेणी में लाने वाले इतना भी भूल जाते है कि वहां समय सीमा तय की जाती है कि काम कितने समय में पूरा होगा। बहरहाल, यहां पर प्रशासनिक नालायकी कईयों पर भारी पड़ रही है और जाम में फंसकर अपनों को तड़पता देखने वाले इस अव्यवस्था को कोसने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे है। 

बता दें कि 'हिमाचल जनादेश' पर इस जाम पर लाइव रिपोर्ट देने के बाद पिछले एक सप्ताह से कुछ पाठक और दर्शक रोजाना यहां के जाम की फोटो भेजते है। जिसमें कि कईयों ने तो यहां तक कह डाला कि ऐसे लगता है कि कुम्भकर्णी नींद किसी की जान लेकर ही मानेगी। उन्होंने कहा कि एक तो कोरोना काल में पहले ही नौकरियों के लाले पड़े है। रोज-रोज जाम में फंस जाने से काम पर पहुंचने में देरी हो रही है। इसके चलते हमारी नौकरी पर भी खतरे के बादल छा गए है। लोगों का तर्क है कि अगर यहां पर वीआईपी मूवमेंट होनी हो तो रातों रात सारी 'अव्यवस्था' सुधार दी जाती है और जब आम जनता की बारी आती है तो उनके लिए 'बहानों' के तकियाकलाम तैयार रखे जाते है। 

वैकल्पिक मार्गों पर डाइवर्ट किया जाए ट्रैफिक 
'हिमाचल जनादेश' के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग उठाई है कि यहां के लोगों को तो इस जाम की जानकारी होती है लेकिन बाहर से आने वाले लोगों की असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों के बारे में जानकारी मुहैया करवाई जाए। बकायदा सम्पर्क मार्गों में साइन बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस कर्मी वाहनों को डाइवर्ट करें ताकि अस्पताल और जरूरी कार्यों  के लिए जा रहे लोगों को परेशानी न झेलनी पड़ें। 

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यह बोले डीसी कांगड़ा 
जब, इस बाबत डीसी काँगड़ा राकेश प्रजापति से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके ध्यान में है और एसडीएम कांगड़ा को बनती कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि आम जन को असुविधाओं का सामना न करना पड़ें इसके लिए कांगड़ा प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और जल्द ही उक्त समस्या से लगों को राहत मिलेगी। 

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