राहत: 50 लाख महिलाओं को ऐसे मिलेगा सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा, WHO ने क्या किया है इस पर खुलासा पढ़े यहां 

राहत: 50 लाख महिलाओं को ऐसे मिलेगा सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा, WHO ने क्या किया है इस पर खुलासा पढ़े यहां 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 19 Nov, 2020 10:08 am देश और दुनिया ताज़ा खबर स्लाइडर स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश, करतार चंद गुलेरिया 
 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा पाकर  50 लाख महिलाओं व लड़कियो को मौत के मुँह से बचाया जा सकेगा। संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने एक वक्तव्य में कहा है, “किसी समय किसी भी तरह के कैन्सर को दूर करना एक असम्भव लगता था, लेकिन अब हमारे पास सपनों को वास्तविकता में तब्दील करने के साधन है 

क्या होता है सर्वाइकल कैन्सर
यूट्रस (गर्भाशय ग्रीवा) के मुंह के कैंसर को सर्वाइकल कैंसर के रूप में जाना जाता है। स्क्रीनिंग टेस्‍ट की मदद से, सर्वाइकल कैंसर का समय पर निदान किया जा सकता है और प्रभावी तरीके से इलाज किया जा सकता है। भारत में ग्रीवा कैंसर के लगभग 1,22,000 नए मामले सामने आते हैं, जिसमें लगभग 67,500 महिलाएं होती हैं. कैंसर से संबंधित कुल मौतों का 11.1 प्रतिशत कारण सर्वाइकल कैंसर ही है. इस रणनीति को पिछले सप्ताह विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के सत्र में सदस्य देशों ने समर्थन दिया है. इसमें 90 प्रतिशत लड़कियों को 15 वर्ष की उम्र होने तक वैक्सीन दी जाएगी, 70 प्रतिशत महिलाओं की स्क्रीनिंग, 35 वर्ष की उम्र होने तक की जाएगी, साथ ही, सर्वाइकल कैन्सर बीमारी की शिनाख़्त होने वाली 90 प्रतिशत महिलाओं का इलाज किया संभव है

ये एक मील का पत्थर  साबित होगा: सिमेलेला 
विश्व स्वास्थ्य संगठन की सहायक महानिदेशक डॉक्टर प्रिन्सेस नॉथेम्बा सिमेलेला ने प्रैस वार्ता में कहा, विश्व स्वास्थ्य के लिये ये एक मील का बड़ा पत्थर है, क्योंकि पहली बार विश्व एक ऐसे कैन्सर से छुटकारा पाने पर सहमत हुआ है जिसे वैक्सीन के ज़रिये रोका जा सकता है, और केवल ऐसा कैन्सर जिसका इलाज शुरुआत में ही किया जा सकता है.

 

यह बोलते है आंकड़े 
वर्ष 2018 से लिये गए ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 5 लाख 70 हज़ार महिलाओं को सर्वाइकल कैन्सर हुआ जिनमें से 3 लाख 11 हज़ार महिलाओं की मौत हो गई. अगर इसकी रोकथाम के लिये ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो, वर्ष 2030 तक, हर साल सर्वाइकल कैन्सर के मामलों की संख्या 7 लाख, और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या 4 लाख तक पहुँच जाने का अनुमान है.सर्वाइकल कैन्सर दुनिया भर में महिलाओं में होने वाली चौथी आम कैन्सर बीमारी है. उच्च आय वाले देशों की तुलना में निम्न व मध्य आमदनी वाले देशों में सर्वाइकल कैन्सर से होने वाली मौतों की दर तीन गुना ज़्यादा होती हैं.

एक नजर इधर भी:-धर्मशाला:10 दिसंबर को 25वीं वर्षगांठ मनाएगा भारत तिब्बत मैत्री संघ

यह है विशषज्ञों की राय 
डॉक्टर सिमेलेला ने बताया कि यह बीमारी एचपीवी नामक वायरस के कारण होती है इस वायरस का मुक़ाबला करने के लिये पहले से ही तीन वैक्सीन उपलब्ध हैं और अनेक अन्य पर शोध कार्य चल रहे हैं, मगर इस समय इन वैक्सीन की उपलब्धता धनी देशों में ज़्यादा है, और निर्धन देशों को ये वैक्सीन मुहैया कराने में मदद करने के लिये दुनिया को एक साथ आने का साहस दिखाना होगा. 

Comments

Leave a comment

What's on your mind regarding this news!

Your comment *

No comments yet. Be a first to comment on this.