काँगड़ा:खनन विभाग के कागजों में बंद होने के बाबजूद भी दिन-रात चल रहे है मिलवां में स्टोन क्रेशर

काँगड़ा:खनन विभाग के कागजों में बंद होने के बाबजूद भी दिन-रात चल रहे है मिलवां में स्टोन क्रेशर

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 24 Oct, 2020 02:18 pm प्रादेशिक समाचार क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,इंदौरा (संवाददाता )

सुप्रीम कोर्ट व नेशनल ग्रीन टिवयुनल के आदेश के बाबजूद भी उपमंडल इंदौरा में खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर धड़ले से अवैध खनन को अंजाम दे रहा है।सब कुछ जानते हुए भी सरकारी तंत्र अंजान बन कर बैठा है सख्त ककारवाई का हवाला देते हुए कभी टिप्परों ओर जेसीवी मशीनों के चालान काटकर अपना पला झाड़ लेता है व आज तक कोई भी पक्की करवाई नही हुई है।

थानां इन्दौरा ओर पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा के अधीन पड़ता मिलवां गाँव जोकी जम्मू जालंधर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।मिलबा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगे अशोका स्टोन क्रेशर,एस के स्टोन क्रेशर,नव दुर्गा स्टोन क्रेशर जोकी खनन वभाग की औपचारिकताए पूरी न करने के चलते विभाग के कागजो में पूरी तरह बंद होने के बाद भी यह तीनों क्रेशर सरेआम दिन रात चल रहे है व  हिमाचल के राजस्व में दिन रात लाखों रुपए का घाटा डाल रहे है।इन तीनों खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि किसी भी विभागीय कारवाई का इन्हें कोई डर नही है।सरकारी तंत्र सब कुछ जानते हुए भी कोई बड़ी कारवाई नही कर पाया आज तक।अगर कभी कभार अवैध खनन की खबर समाचार पत्रों में छपती है तो खनन विभाग नामात्र चालान काटकर अपना पल्ला झाड़कर फिर कुम्भकर्णी नींद सो जाता है।

 यह तीनों स्टोन क्रेशर कई वर्षों से बिभाग के कागजो में बंद पड़े हुए है। परंतु धरातल पर यह एक दिन भी बंद नही दिखे है और क्षेत्र में कई जगहों से अवैध खनन कर अपने अपने क्रेशर पर कच्चे मटीरियल के ढेर लगाकर दिन रात मटीरियल तैयार कर पंजाब में सप्लाई कर चांदी कूट रहे है।अब तो यह तीनों क्रेशर उद्योग पंजाब एरिया से अवैध खनन करके कच्चा मटीरियल अपने क्रेशरो पर जे जाकर मटीरियल तैयार कर रहे है। 

अब देखने वाली बात यह है कि आखिर खनन विभाग इनको आज तक पूरी तरह बन्द क्यो नही करवा पाया है और कागजो में बंद होने के चलते इनके बिजली के कुनेक्शन क्यों नही कटवाए गए है और तैयार माल बाहर भेजते समय आखिर मटीरियल का कौन सा पक्का बिल काटकर गाड़ियों को बाहर पंजाब में भेज रहे है। इससे तो यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि खनन विभाग ओर प्रशाशन की मिलीभगत से ही यह क्रेशर उद्योग सरेआम चल रहे है।

अगर विभाग की बात करे तो उनका कहना है कि 2017 से अब तक उपमंडल इंदौरा में लगे क्रेशर उद्योग जिनकी माइनिंग लीज खत्म हो गई है उन्हे नए सिरे से नाहि मांइनिंग लीज ओर न ही किसी को आम जन को अपनी निजी भूमि से खनन करने की मंजूरी दी है।मिलवां में लगे तीनो क्रशरो की मांइनिंग लीज वर्षो पहले की खत्म हो गई है ओर विभाग ने भी नई लीज को मंजूरी नही दी है फिर भी यह उद्योग बेखोफ होकर क्षेत्र में अवैध खनन को अंजाम देकर चांदी कूट रहे है।

इस संबंध में खनन अधिकारी नूरपुर नीरज कांत से बात की गई तो उन्होने कहा कि मिलवां में लगे तीनों क्रेशर विभाग के कागजो में बंद है। अगर इनके द्वारा गैर तरीके से क्रेशरो को चलाया जा रहा है तो उनके लिए यह ठीक नही है। जल्द ही इन तीनो क्रशरों पर छापेमारी करके एक बडी विभागीय कारवाई अमल में लाई जाएगी

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