बड़ी खबर:पानी की बबार्दी करने पर अब होगी 5 साल की सजा,देना होगा एक लाख रुपये का जुमार्ना

बड़ी खबर:पानी की बबार्दी करने पर अब होगी 5 साल की सजा,देना होगा एक लाख रुपये का जुमार्ना

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 23 Oct, 2020 08:20 pm प्रादेशिक समाचार क्राईम/दुर्घटना देश और दुनिया लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,न्यूज़ डेस्क 

देश में अब कोई भी व्यक्ति और सरकारी संस्था यदि भूजल स्रोत से हासिल होने वाले पीने योग्य पानी की बबार्दी या बेवजह इस्तेमाल करता है तो यह एक दंडात्मक अपराध माना जाएगा।

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केंद्र के एक नए निर्देश के अनुसार,पीने योग्य पानी का दुरुपयोग भारत में 1 लाख रुपये तक के जुमार्ना और 5 साल तक की जेल की सजा के साथ दंडनीय अपराध होगा। 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) ने पानी की बबार्दी और बेवजह इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 08 अक्तूबर, 2020 को पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 की धारा पांच की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्राधिकरणों और देश के सभी लोगों को संबोधित करते हुए आदेश दिए हैं। 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजेंद्र त्यागी और गैर सरकारी संस्था फ्रैंड्स की ओर से बीते वर्ष 24 जुलाई, 2019 को पानी की बबार्दी पर रोक लाने की मांग वाली याचिका पर पहली बार सुनवाई की थी।

गौरतलब है कि इस आदेश के जारी होने की तारीख से संबंधित नागरिक निकाय जो कि राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में पानी आपूर्ति नेटवर्क को संभालती हैं और जिन्हें जल बोर्ड,जल निगम,वाटर वर्क्स डिपार्टमेंट,नगर निगम,नगर पालिका,विकास प्राधिकरण,पंचायत या किसी भी अन्य नाम से पुकारा जाता है, वो यह सुनिश्चित करेंगी कि भूजल से हासिल होने वाले पोटेबल वाटर यानी पीने योग्य पानी की बबार्दी और उसका बेजा इस्तेमाल नहीं होगा। 

इस आदेश का पालन करने के लिए सभी एक तंत्र विकसित करेंगी और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक उपाय किए जाएंगे। देश में कोई भी व्यक्ति भू-जल स्रोत से हासिल पोटेबल वाटर का बेवजह इस्तेमाल या बबार्दी नहीं कर सकता है।

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