चम्बा : लूटेरें मालामाल बनने के लिए कर रहे टैक्सी चालकों का शिकार तंत्र लाचार

चम्बा : लूटेरें मालामाल बनने के लिए कर रहे टैक्सी चालकों का शिकार तंत्र लाचार

Piyush 19 Sep, 2020 09:30 pm प्रादेशिक समाचार क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार ताज़ा खबर स्लाइडर चम्बा

हिमाचल जनादेश,एम एम डेनियल

हिमाचल प्रदेश में टैक्सी चालक अब अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे है। प्रदेश में गत वर्षीं से लूटेरों का निशाना टैक्सी चालक बनते प्रतीत हो रहे है।

हालांकि घटित घटनाओं के घटने के कुछ माहों के अंतराल तक एकदम लूट का सिलसिला थम जाता है लेकिन जैसे-जैसे समय बीता एवं मामला शांत हो जाता है तो बाहरी राज्यों से संबंधी लूटरे फिर से शांत एवं समृद्ध राज्य हिमाचल में दस्तक देकर किसी न किसी जिलें में अपने नाकाप मनसूबों को अंजाम देकर मजलुम टैक्सी चालक की निर्मम हत्या कर रहे है।

मगर हैरानी के बात यह है कि प्रदेश का सुरक्षा तंत्र तब जागता है जब वारदात घटित हो चुकी होती है। जिससे यह कहना गलत न होगा कि अभी भी हमारा सुरक्षा तंत्र तमाम हाईटेक सिस्टमों से जुड़ने के बाद कहीं न कहीं लाचार है। जिसके परिणाम स्वरूप कई टैक्सी चालक अपनी जान से हाथ गवा चुके है। 

गौर हो कि वर्ष 2010-11 से हिमाचल प्रदेश राज्य में टैक्सी चालक लूट एवं हत्या का सिलसिला आरंभ हुआ। हालांकि इससे पूर्व भी कई टैक्सी, माल वाहन धारकों के साथ लूटपात की कई घटनाएं घटित हो चुकी है। लेकिन वर्ष 2011 में दिसंबर माह में प्रदेश के जिला चंबा में घटित टैक्सी चालक दीपक चंपालिया की लूट एवं हत्या के प्रकरण ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया।

जिसमें दिसंबर को बलैरो गाड़ी समेत अपहृत दीपक चंपालियां लापता हो गया था। जोकि कुछ दिनों के बाद जांच में जुटी पुलिस व उसके सहयोगी टैक्सी चालकों को कीरतपुर के गूंगा साहिब में झील समीप मृतक पड़ा मिला। दीपक की बेरहमी से हत्या कर शव को झील में ठिकाने लगा दिया गया था।

दीपक के शरीर की कई हड्डियां टूटी हुई पाई गई हैं, जबकि उसके शरीर में कई खरोंचे लगी थीं। पोस्टमार्टम कीरतपुर के एक अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने किया है।

जिन्होंने अनुमान लगाया जा रहा है कि दीपक का कत्ल तीन दिसंबर को उसी दिन कर दिया गया था जिस दिन सुबह वह चंबा से रामपुर के लिए निकला था। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस ने हिस्ट्री सिटर आरोपी को उसके गिरोह सदस्यों के साथ गिरफ्तार करने सफलता ही हासिल की।

बल्कि न्यायालय इस मामले में न्याय करते सभी दोषियों उम्र कैद की सजा भी सुनवाई। मगर यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ कुछ वर्षों तक टैक्सी चालक लूट का प्रकरण गुमनामियों के अंधरों में औझल होने के बाद वर्ष 2019 में एक बार फिर से सक्रिय हुआ। इस बार लूटरों का निशाने पर बैजनाथ का टैक्सी चालक रहा।

22 सितंबर 2019 को बाहरी राज्य के सवारियों ने टैक्सी चालक अश्वनी चौधरी निवासी बैजनाथ की टैक्सी हायर की। मगर रानीताल मार्ग पर जिस गंतव्य स्थल पर निकले उससे पूर्व ही उक्त टैक्सी चालक का शव रानीताल समीप पड़ मिला और टैक्सी और हत्यारों का दूरों दूर तक कोई नामोनिशान नहीं मिला।

यह मामला आज भी एक पहली ही बन खड़ा है। जबकि ताजा प्रकरण की बात करे तो धर्मशाला-शिमला एनएच पर कंदरौर के पास सोमवार देर रात पांच लोगों ने तेजधार हथियारों से एक टैक्सी चालक की हत्या कर दी।

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टैक्सी चालक चार व्यक्तियों को मां चिंतापूर्णी मंदिर लेकर जा रहा था। इस दौरान गाड़ी में बैठे चार लोगों ने सुनसान रास्ते में चालक पर हथियारों से हमला कर दिया था.आरोपी उसी टैक्सी को लेकर फरार हो गए। एक ट्रक चालक ने पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

पुलिस ने आठ घंटे के अंदर आरोपियों को हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार कर लिया है।आरोपियों में दो जम्मू, एक हरियाणा और एक दिल्ली का है। पांचवें आरोपी का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार देवेंद्र सिंह ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है।

उसने पुलिस को बताया कि जब वह ट्रक में सीमेंट लोड करके दाड़लाघाट से सुजानपुर जा रहा था, उसी दौरान देर रात करीब देलग से आगे और कंदरौर चौक से थोड़ा पीछे सड़क किनारे खड़ी एक आॅल्टो कार में से एक व्यक्ति दौड़ता हुआ ट्रक के आगे आया। उसने उसे रुकने का इशारा किया।

उसने ट्रक की स्पीड धीरे की तो कंडक्टर साइड वाली खिड़की के साथ लटक कर वह व्यक्ति कहने लगा कि मुझे बचा लो। जैसे ही उसने ट्रक रोका तो उक्त व्यक्ति ट्रक के अंदर आ गया। उसने कहा कि पुलिस को फोन लगाओ और उसके तुरंत बाद वह बेहोश हो गया व थोड़ी देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं पुलिस ट्रक चालक सहित घायल को जिला चिकित्सालय लेकर आई मगर उक्त टैक्सी चालक ने दम तोड़ दिया। 

 

टैक्सी यूनियनों ने उठाई सुरक्षा की मांग 
ज्वाइंट टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के सचिव कंवर का कहना है कि जिस प्रकार बार बार टैक्सी चालकों की हत्या सवारियों द्वारा की जा रही है। उसके बाद टैक्सी चालकों को सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। कंदरौर के समीप हुई टैक्सी चालक की हत्या के बाद से राज्य के दूसरे टैक्सी चालक सदमें में हैं। अब टैक्सी चालकों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।  

यूनियन के लोगों ने कहा कि सरकार हरीश के परिवार को सहायता राशि प्रदान करे ताकि उसके परिवार को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार सभी टैक्सी में सीसीटीवी लगाने और जीपीएस सिस्टम को पुलिस थानों से जोड़ने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटना को रोका जा सके।

बाहरी राज्यों के पर्यटकों को टैक्सी यूनियन कार्यालयों में पहचान संबंधी दस्तावेज देने के बाद ही मिलेगी टैक्सी सेवा 
वहीं शिव शक्ति टैक्सी यूनियन चंबा के उपप्रधान विकेश शर्मा का कहना है कि तमाम टैक्स देने के बावजूद भी टैक्सी चालक सुरक्षा अभाव से गुजर रहे है। उन्होंने कहा कि बार-बार टैक्सी चालकों को बाहरी राज्यों के लूटेरे गिरोह अपना निशाना बना रहे है। जिन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार, पुलिस एवं परिवहन विभाग को कोई कारगर योजना तैयार करनी चाहिए।

जबकि सरकार को इस प्रकार की घटनाओं का शिकार होने वाले चालकों के परिवारों को उचित राहत राशि का प्रावधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों के पर्यटकों को टैक्सी हायर करने से पूर्व अब अपनी पहचान संबंधी दस्तावेज टैक्सी यूनियन कार्यालयों में देने के बाद ही उन्हें यह सेवा प्रदान करने पर यूनियन विचार कर रही है।

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