ऊना: नहीं रहे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा,दो बार विधायक रहे कुटलैहड़ से ,पढ़े पूरी खबर

ऊना: नहीं रहे पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा,दो बार विधायक रहे कुटलैहड़ से ,पढ़े पूरी खबर

Piyush 15 Sep, 2020 09:25 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार देश और दुनिया ताज़ा खबर स्लाइडर ऊना

हिमाचल जनादेश, उना (जितेन्द्र) 

पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनाथ शर्मा का मंगलवार सुबह चंडीगढ़ में उपचार के दौरान निधन हो गया।स्वर्गीय रामनाथ शर्मा काफी समय से चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचाराधीन थे। इनके आकस्मिक निधन पर जिला ऊना के साथ-साथ कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में भी शोक की लहर छा गई है।

आकस्मिक निधन पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह,युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विक्रमादित्य,कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के पूर्व ब्लॉकाध्यक्ष देसराज गौतम,रविन्द्र फौजी,केसी शर्मा,राष्ट्रीय किसान संघ के प्रदेश महासचिव देशराज मोदगिल,कुटलैहड़ युकां के मुनीष बैंस,सुदेश वोहरा,प्रेस क्लब बंगाणा,प्रवीण शर्मा,बलदेव सिंह कुटलैहडिय़ा,कर्नल धर्मेन्द्र पटियाल,सत्या देवी समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने  गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संत्पत परिवार के लिए भगवान से प्रार्थना की है।

उपमंडल बंगाणा की पंचायत ढियूंगली के गाँव नेरी में जन्मे रामनाथ शर्मा का राजनीतिक सफर1977 में जनता पार्टी से शुरू हुआ था।तब से लेकर आज दिन तक विभिन्न पार्टियों के बैनर तले इन्होंने कुटलैहड़ क्षेत्र के चुनाव मैदान में उतरकर अपना भाग्य आजमाया और दो सफलताओं के उपरान्त इन्हें हर बार निराशा ही हाथ लगी।

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स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के पिता का नाम पंडित धनीराम था जो कि एक जाने-माने ज्योतिषी थे और इनकी माता विंदेश्वरी देवी गृहिणी थीं। रामनाथ शर्मा तीन भाई थे।

एक भाई फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से सेवानिवृत हैं और दूसरे प्राईवेट काम करते है । स्वर्गीय रामनाथ शर्मा का विवाह डोहक निवासी विद्या देवी के साथ  हुआ था। रामनाथ शर्मा के घर चार संतानेें लड़कियां और लडक़े संतानें हुईं। जिसमें विवेक शर्मा, विपन शर्मा और दो लड़कियां पूनम और कुसुम हैं। इनके बेटे विवेक शर्मा भी विधानसभा चुनाव में अपना भाङ्गय आजमा चुके हैं। स्वर्गीय रामनाथ शर्मा नेवी में अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं। नेवी में सेवाएं देने के उपरान्त इन्होंंने राजनीति में अपना भाङ्गय आजमाया। इनके निधन के साथ ही कुटलैहड़ में पूर्व विधायक कोई नहीं रहा है।


जनता पार्टी से शुरू हुआ था रामनाथ शर्मा का राजनीतिक सफर

नेवी में सेवाएं देने के उपरान्त स्वर्गीय रामनाथ शर्मा ने अपना राजनीतिक सफर सन 1977 में जनता पार्टी से शुरू किया। 1977 में रामनाथ शर्मा जनता दल के बैनर तले कुटलैहड़ क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतरे। इस चुनाव में रामनाथ शर्मा को 9863 और विपक्ष की आईएनसी की सरला देवी को 6000 मत मिले थे।1982 में आईएनसी से रामनाथ शर्मा ने चुनाव लड़ा था। इस चुनाव रामनाथ शर्मा को 6244 भाजपा से प्रत्याशी रहे स्वर्गीय वेदरत्न आर्य को 6184 और जेएनपी के ठाकुर रणजीत सिंह को 7022 मत मिले थे।

इसके उपरान्त 1978 में इंडियन नेशनल काँग्रेस से जेएनपी के प्रत्याशी स्वर्गीय ठाकुर रणजीत सिंह के विपरीत चुनाव लड़ा। इस चुनाव में रामनाथ शर्मा को 13766 वोट मिले और ठाकुर रणजीत सिंह को 9714 मत मिले। विधायक बनने के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष बने। 1990 में रामनाथ शर्मा को आईएनसी  से चुनाव लडक़र 11988,  जबकि स्वर्गीय ठाकुर रणजीत सिंह को14994 मत मिले थे।1993  में रामनाथ शर्मा को 13894  जबकि बीजेपी के रामदास मलांगड़ को14846  मत मिले थे। 2009  में रामनाथ शर्मा को 19934 जबकि बीजेपी के वीरेन्द्र कंवर को24699 मत मिले थे। रामनाथ शर्मा ने छह दफा कुटलैहड़ क्षेत्र से चुनाव लड़ा। जिसमें इन्हें दो दफा ही सफलता हाथ लग पाई।


आज बरनोह में हुआ रामनाथ शर्मा का अंतिम संस्कार
स्वर्गीय रामनाथ शर्मा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गाँव लाया जाएगा और वहीं पर इनका आज अंतिम संस्कार कर दिया गया ।

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