पीएम मोदी लाल किले से झंडा तो फहराएंगे लेकिन  परिस्थितियां भी बदली नजर आएंगी

पीएम मोदी लाल किले से झंडा तो फहराएंगे लेकिन  परिस्थितियां भी बदली नजर आएंगी

Piyush 12 Aug, 2020 01:26 pm राजनीतिक-हलचल सुनो सरकार देश और दुनिया लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर


हिमाचल जनादेश ,शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार


राजधानी दिल्ली के लालकिले का नाम सुनते ही स्वतंत्रता दिवस, तिरंगे का लहराना वहीं प्रधानमंत्रियों का गर्जना और देश की जनता को संबोधित करने की याद दिलाती है ।

यही नहीं लाल किले की प्राचीर ने आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई । देश स्वतंत्र होने के बाद पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने इसी प्राचीर से जनता को संबोधित किया था । तभी से 15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री इसी लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते रहे हैं । स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला भी प्रधानमंत्रियों की अगवानी करने के लिए उत्साहित रहता है ।

दूसरी ओर प्रधानमंत्री के लिए भी इस दिन लाल किले से तिरंगा फहराना बहुत ही गौरवशाली पल होते हैं । भारत देश एक बार फिर अपनी 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए तैयार है । लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से झंडा तो फहराएंगे लेकिन परिस्थितियां बदली नजर आएंगी । देश में कोरोना संकट के कारण इस साल कई त्योहारों पर असर पड़ा।

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सोशल डिस्टेंसिंग, लॉकडाउन और भीड़ जुटने की मनाही के कारण पिछले कई महीने से बड़े कार्यक्रम नहीं हुए हैं। कुछ ऐसा ही 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले कार्यक्रम में भी होगा। यानी भीड़ कम और तमाम कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। पीएम मोदी आमतौर पर लाल किले से अपने संबोधन के बाद स्कूली बच्चों से मिलते थे लेकिन वे इस बार ऐसा नहीं कर पाएंगे, सबसे खास बात यह है कि कोरोना महामारी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 7 महीनों से कोई सार्वजनिक संबोधन (स्पीच) नहीं दी है । अब 15 अगस्त को वे सार्वजनिक मंच से देश की जनता को संबोधित करने जा रहे हैं । पीएम नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण संबोधन का दुनिया को भी इंतजार है ।


इस बार 15 अगस्त को लाल किला बदला हुआ नजर आएगा


इस बार स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली का लाल किला बदला हुआ नजर आएगा । पीएम नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित तो करेंगे लेकिन स्वतंत्रता दिवस पर कोरोना का ग्रहण भी देखने को मिलेगा । हर वर्ष की तरह इस बार न तो लोगों की भीड़ होगी न कोई बड़ा उत्सव दिखाई देगा । इस बार स्वतंत्रता दिवस पर कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों की संख्या भी लगभग तीन सौ के आसपास होगी । बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर साल मंत्रियों, राजनयिकों और अन्य गणमान्य लोगों के अलावा हजारों स्कूली बच्चे लाल किला के सामने तिरंगा बनाकर बैठे रहते थे। लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस बार कम से कम भीड़ होगी।

देश को संबोधित करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी आमतौर बच्चों से मिलते रहे हैं। वह बच्चों के बीच जाकर फोटो खिंचवाते हैं और उनसे हाथ मिलाते हैं। लेकिन कोविड-19 के कारण इस बार के कार्यक्रम में बच्चे नहीं होंगे। कोरोना संकट को देखते हुए इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सरकार की ओर से खास तैयारियां की जा रहीं हैं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर देने के कार्यक्रम का हिस्‍सा बनने वाले पुलिसवाले क्वॉरेंटाइन में हैं ।

लाल किले पर अधिकतर सुरक्षाकर्मी और पुलिस के जवान पीपीई किट में होंगे। लाल किले पर भीड़भाड़ वाला कार्यक्रम नहीं होगा। इस बार आजादी का पर्व मनाने के लिए पूरी तरह टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर अधिक फोकस दिया गया है । इसके अलावा जगह-जगह हैंड सैनिटाइजर रखे होंगे। बैठने की व्यवस्था अलग होगी और दो गज की दूरी रखी जाएगी। स्वतंत्र दिवस को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से बाकायदा एडवाइजरी भी जारी की गई है । 


पीएम मोदी लाल किले प्राचीर से सातवीं बार फहराएंगे तिरंगा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सातवीं बार लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसके साथ ही वह सबसे अधिक बार ऐसा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री होंगे। पीएम मोदी ने पहली बार 2014 में लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था और पिछले वर्ष अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में छठवीं बार तिरंगा फहराकर भारतीय जनता पार्टी सरकार के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की बराबरी कर ली थी। वह इस बार सातवीं बार तिरंगा फहराएंगे।

यहां हम आपको बता दें कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आजाद भारत में 15 अगस्त 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था । वह 27 मार्च 1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे और इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड 17 बार 15 अगस्त को झंडा फहराया। इसके बाद इंदिरा गांधी (11) और मनमोहन सिंह (10) का स्थान है। अटल बिहारी वाजपेयी 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 के बीच छह बार तिरंगा फहराया था। वाजपेयी हालांकि 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने थे लेकिन उनकी सरकार ज्यादा दिन नहीं चल पाई थी और उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं मिल पाया था।


पीएम मोदी के संबोधन को लेकर दुनिया भर की लगी निगाहें


पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन को लेकर दुनियाभर की निगाहें लगी हुई हैं । खासतौर से चीन पाकिस्तान और नेपाल के साथ संबंधों और अपने ऐतिहासिक फैसलों के बारे में लाल किले से उनके संदेश पर टिकी है। इस बार पीएम मोदी जब लाल किले की प्राचीर से भाषण दे रहे होंगे तो उनके सामने कोरोना संकट, लॉकडाउन अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, चीन-पाकिस्तान की ओर से सीमा पर मिल रही लगातार चुनौती, लद्दाख में 20 सैनिकों के शहीद होने की घटना, नेपाल के साथ सीमा विवाद, ईरान से रिश्तों में कम होती गर्माहट जैसे मु्द्दे भी सामने होंगे ।

विपक्ष मोदी सरकार पर चीन के सामने घुटने टेकने का लगातार आरोप लगा रहा है, साथ ही यह भी कह रहा है कि चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा कर लिया है । ऐसी उम्मीद लगाई जा रही है कि पीएम इन सब मुद्दों पर सरकार की ओर से देश के सामने बात रखेंगे ।दूसरी ओर देशवासियों को भी पीएम के संबोधन में बड़ी घोषणाओं का इंतजार है । स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण में क्या होगा, इस पर देश की जनता कई तरह की उम्मीदें लगाए बैठी है ।

यही नहीं पीएम का कोरोना महामारी को लेकर ध्यान केंद्रित रहेगा । कोरोना संकट के दुष्प्रभाव से पार पाने के लिए आत्मनिर्भर भारत की भावी योजना के साथ कुछ नए मिशन पर भी पीएम इस बार जोर दे सकते हैं, इसके साथ वे कुछ बड़े एलान भी कर सकते हैं ।

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