कांगड़ा:मंंड क्षेत्र में शाहनहर बनी सफेद हाथी, धान रुपाई का काम जोरों पर ,नहर में बून्द भी पानी नहीं

कांगड़ा:मंंड क्षेत्र में शाहनहर बनी सफेद हाथी, धान रुपाई का काम जोरों पर ,नहर में बून्द भी पानी नहीं

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 25 Jun, 2020 07:48 pm प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार विज्ञान व प्रौद्योगिकी लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा

हिमाचल जनादेश,कांगड़ा(ब्यूरो)

 
किसानों ने शाहनहर विभाग पर जड़े आरोप,कहा- जब पानी की जरूरत नहीं होती तो विभाग नहर में छोड़ देता है पानी

किसानों की पकी हुई फसलों को बर्बाद,जनता ने मंत्री के आगे पानी के लिए लगाई गुहार 


प्रदेश की सबसे बड़ी ओर 550 करोड़ की लागत से निर्मित  शाह नहर सिंचाई परियोजना मंड क्षेत्र की जनता के लिए आज तक सफेद हाथी की तरह साबित होती नजर आई है। किसानों को जब फ़सल के लिए पानी की जरूरत होती है तो मंड  क्षेत्र की नहरों में बून्द भी पानी नही आता है और जब फसल पककर तैयार हो जाती है तो विभाग बिना डिमांड पानी छोड़कर किसानों की फसलों को बर्बाद कर देता है ।अब क्षेत्र के धान की रुपाई का काम जोरों पर है और नहरों में बून्द पानी भी नही आया है। जिससे यह साबित होता है के प्रदेश की सबसे बड़ी  शाहनहर सिंचाई परियोजना मंड क्षेत्र के किसानों के लिए वर्षो से एक सफेद हाथी बनकर रह गई है। 

किसानों ने बताया कि जब इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था तो किसानों को आस लगी थी कि अब इनकी खेती योग्य भूमि के साथ साथ बिना पानी के बंजर बन चुकी भूमि को भी शाहनहर के पानी से सिंचित करके  खेती योग्य बनाया जाएगा और किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। लेकिनबंजर भूमि पर खेती करना तो दूर की बात इसके उलट खेती योग्य भूमि को भी शाहनहर का पानी न मिलने से बह भूमि भी बंजर बनती जा रही है। 

शाहनहर विभाग ने मंड क्षेत्र के हर खेत मे पानी देने के लिए बड़ी नहरों से छोटी छोटी नहरे बनाकर किसानों के खेतों तक पहुँचाई है ।लगभग एक दशक के समय से पहले इन शाखाओं का निर्माण किया गया है पर इनमें आज तक एक बूंद तक पानी की नही आई है । जब किसानों की फसलें पक कर तैयार हो जाती है तो विभाग बिना डिमांड किए नहरों में पानी छोड़कर किसानों की फसलों को बर्बाद कर देता है।

किसानों ने बताया के जब इस नहर का निर्माण हुआ था तो मंड क्षेत्र के 50 से 60 प्रतिशत  किसानों ने नहर का पानी लेने के चक्कर मे अपने खेतो में  संचाई हेतु लगाई गई निजी बिजली की मोटरों के कनेक्शन भी कटबा दीए थे ताकी शाहनहर से भरपूर व कम खर्चे पर पानी की सुविधा मिलेगी पर बिभाग आज तक पानी की सप्लाई देने में नाकाम ही रहा है। 

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मंड के गाँवो पराल , मलकाना,फलाही ,डसोली,मंड स्नोर ,मण्ड मझवाह, मण्ड  मियानी ,मंड इन्दौरा ,मंड घण्डरा ,उलेहडिया,बसंतपुर ,तेयोड़ा,गगवाल ,बेला इन्दौरा ,ठाकुरद्वारा, ,बकराडबा, बरोटा आदि गाँवो के लोगो को विभाग के कर्मचारियों की नालायकी ओर अनदेखी के चलते धान की रूपाई के लिए नहरों का पानी नही मिल रहा है। कुछ एक किसानों द्वारा लगाई गई  धान और गन्ने की फसलें बिना पानी के सूख रही है ।अगर कुछ दिन तक मोटरों द्वारा लगाई गई धान की फसल को पानी नहीं मिला तो फसल पानी न मिलने से बर्बाद हो जाएगी क्यूंकि मोटरों के माध्यम से भी पर्याप्त पानी नही मिल पाता है।धान के सीजन में तहसील इन्दौरा के अधीन पड़ते मंड एरिया में किसी भी गाँव में नहरों में पानी देखने को नही मिलता है ।

किसानों का कहना है कि मंड क्षेत्र के करीव 25 छोटे बड़े गाँवो की हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए यह नहर बनाई गई है जिसे बाया किनारा नाम से जाना जाता है और इसकी सप्लाई पंजाब क्षेत्र तलबाड़ा में बनी शाहनहर बिराज से दी गई है और बही से जब पानी इस नहर में  छोड़ा जाता है तो 4 किलोमीटर पंजाब के एरिया से होकर हिमाचल में पानी आता है  तो मात्र 50% पानी ही हिमाचल एरिया के किसानों तक पहुँचता है बाकी 50 % पानी पंजाब से होकर गुजरने बाली नहर में पंजाब के लोग ही जबर्दस्ती नहर में गैर कानूनी ढंग से बड़ी बड़ी पाईपे डालकर गैर कानूनी ढंग से पानी का प्रयोग अपने खेतो में कर रहे है।

इस संबंध में जब आई पी एच मंत्री हिमाचल प्रदेश मोहिन्दर सिंह से बात हुई तो उन्होंने बताया के मैंने मंड की पानी की समस्या का समाधान करके हेतु  सम्बंधित डिवीज़न के अधिशाषी अभियंता को आदेश दे दिए हैं और उस क्षेत्र में एक किसान जो पानी का दुरूपयोग कर रहा है जिसके कारण यह समस्या आ रही है उस पर भी विभागीय कार्रवाई करवाने के आदेश  है। 

इस संबंध में जब अधिशाषी अभियंता शाहनहर रजिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा के एक व्यक्ति द्वारा जबरन व अवैध तरीक़े से पानी लगाने के यह समस्या उत्तपन्न हो रही है।  कल सम्बंधित जेई को उसके पास भेजा जाएगा और उसको पानी का दुरुपयोग करने से मना किया जाएगा। अगर फिर भी नहीं माना तो दो दिन बाद उसपर कड़ी कार्रवाई करते हुए थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा।

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