हर 100 साल में होता है महामारी का हमला, करोड़ों लोगों की जाती है जान

हर 100 साल में होता है महामारी का हमला, करोड़ों लोगों की जाती है जान

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 18 Apr, 2020 02:28 pm प्रादेशिक समाचार लाइफस्टाइल सम्पादकीय स्लाइडर स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,ब्यूरो 

चीन से निकला कोरोना वायरस महामारी अब दुनिया के 180 से ज्यादा देशों में फैल चुका है।50 हजार से ज्यादा  लोगों की मौत हो गई है. 10 लाख से भी ज्यादा लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इससे त्रस्त है पर ये कोई पहली महामारी नहीं है जो कि इंसानी सभ्यता के लिए खतरा है।इससे पहले 1720, 1820 और 1920 में भी आई थी।

पिछले चार सौ साल से एक ऐसे महामारी आती है जो पूरे दुनिया में तबाही मचा कर जाती है।हमारी  हिमाचल जनादेश कि खबर के  माध्यम से पड़े  महामारियों का इतिहास। सन् 1720, फिर 1820, इसके बाद 1920 और अब 2020 अब ये इत्तेफाक है या कुछ और पता नहीं पर पिछले चार सौ सालों में हर सौ साल बाद एक ऐसी महामारी जरूर आई है जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचाई।

हर सौवें साल आने वाली इस महामारी ने दुनिया के किसी कोने को नहीं छोड़ा करोड़ों इंसानों की जान लेने के साथ-साथ इसने कई इंसानी बस्तियों के तो नामो-निशान तक मिटा दिए। 

दुनिया में हर 100 साल पर 'महामारी' का हमला हुआ है. सन् 1720 में दुनिया में द ग्रेट प्लेग आफ मार्सेल फैला था। जिसमें 1 लाख लोगों की मौत हो गई थी। 100 साल बाद सन् 1820 में एशियाई देशों में हैजा फैला। उसमें भी एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी इसी तरह सन् 1918-1920 में दुनिया ने झेला स्पेनिश फ्लू का क़हर।

 इस बीमारी ने उस वक्त करीब 5 करोड़ लोगों को मौत की नींद सुला दिया था और अब फिर 100 साल बाद दुनिया पर आई कोरोना की तबाही जिसकी वजह से पूरी दुनिया में लॉक डाउन है। 

 क्या है हर सदी में आने वाली इन महामारियों की कहानी। क्यों हर 100 साल में होता है इंसानी सभ्यता पर हमला। क्यों सब कुछ होते हुए भी इन महामारियों के सामने बेबस हो जाता है इंसान पिछली चार सदियों से हर सौ साल पर अलग-अलग महामारियों ने दुनिया पर हमला किया।

 हर बार लाखों लोगों को बेमौत मार गईं ये महामारियां और हर बार हमने इन महामारियों का इलाज ढूंढने में इतनी देर कर दी कि बहुत देर हो गई।सन 1720 पूरी दुनिया में प्लेग फैला था. इसे ग्रेट प्लेग ऑफ मार्सिले कहा जाता है।  मार्सिले फ्रांस का एक शहर है जहां इस प्लेग की वजह से 1 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी।

प्लेग फैलते ही कुछ महीनों में 50 हज़ार लोग मारे गए।बाकी  50 हजार लोग अगले दो सालों में मर गए। सन 1820 ग्रेट प्लेग ऑफ मार्सिले के पूरे 100 साल बाद एशियाई देशों में कॉलरा यानी हैजा ने महामारी का रूप लिया। इस महामारी ने जापान, अरब देशों, भारत, बैंकॉक, मनीला, जावा, चीन और मॉरिशस जैसे देशों को अपनी जकड़ में ले लिया।  

हैजा की वजह से सिर्फ जावा में 1 लाख लोगों की मौत हुई थी।  जबकि सबसे ज्यादा मौतें थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में हुई थी। 

सन 1920 करीब 100 साल बाद धरती पर फिर तबाही आई. इस बार ये तबाही स्पैनिश फ्लू की शक्ल में आई थी।  वैसे ये फ्लू फैला तो 1918 से ही था. लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर 1920 में देखने को मिला।  कहा जाता है कि इस फ्लू की वजह से पूरी दुनिया में दो से 5 करोड़ के बीच लोग मारे गए थे। 

 सन 2020 अब फिर पूरे 100 साल बाद इंसानियत को खतरे में डालने कोरोना वायरस की शक्ल में एक और महामारी आई है। साल की शुरुआत में चीन से शुरु होकर अब ये महामारी पूरी दुनिया में फैल चुकी है।

फिलहाल लाखों इसकी जद में हैं और हज़ारों मारे जा चुके हैं। इतिहास की बाकी बीमारियों की तरह वक्त रहते इसकी भी कोई वैक्सीन खोजी नहीं जा सकी है और जब तक ये वैक्सीन तैयार होगी तब तक ना जाने कितनी देर हो चुकी होगी। इसलिए पनाह मांगिए इस महामारी से. खुद भी सुरक्षित रहिए और दूसरों को भी सुरक्षित रखिए। 

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