कविता :बेजुबान इश्क

कविता :बेजुबान इश्क

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 18 Apr, 2020 12:52 pm प्रादेशिक समाचार लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा

हिमाचल जनादेश

खूबसूरती सिर्फ
जिस्म में ही नहीं,
दिल में भी होती है।

 

जरा ओढ़ कर देखना
मेरी हस्ती की मिटी हुई,
राख को
अपने सीने पर।

 

दिख जाएगी तुम्हें
वो मोहब्बत
जो  दिखी नहीं
कभी तुम्हें

 

मेरे सीने में धड़कते दिल में।
तुम्हें लगता है अगर
चाहने वाले बहुत हैं तुम्हारे
तो आने दो जरा
झुर्रियों को
अपने चेहरे पर
तब दिख जाएगा
तुम्हें भी
कितने दिल लगाते हैं तुमसे
और कितने गले लगाते हैं
तुमकों अपने सीने से।

राजीव डोगरा 'विमल'
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 176029


 

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