सरकाघाट:केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण आज कोरोना वायरस संक्रमण हुआ देशव्यापी- नरेन्द्र ठाकुर

सरकाघाट:केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण आज कोरोना वायरस संक्रमण हुआ देशव्यापी- नरेन्द्र ठाकुर

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 25 Mar, 2020 04:18 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल सुनो सरकार देश और दुनिया स्लाइडर मण्डी स्वस्थ जीवन

हिमाचल जनादेश,सरकाघाट(रितेश चौहान)

हिमाचल प्रदेश के पूर्व सचिव नरेन्द्र ठाकुर द्वारा जारी प्रेस बयान में कहा की कोरोना वायरस जैसे जानलेवा संक्रमण की विश्वव्यापी दस्तक के बाद हमारे देश में उपजे सूरत-ए-हाल के मद्देनज़र किसानों, कामगारों, मज़दूरों व निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों तथा अन्य श्रेणियों में कार्यकरने वालो  की आर्थिक स्थिति को समझते हुए कांग्रेस पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी जी ने जो आर्थिक मदद की पहल की है न केवल क़ाबिल-ए-तारीफ़ है बल्कि अनुसरणीय भी है। 

ये वही राहुल गाँधी हैं जिन्होंने संसद में सबसे पहले इस ख़तरनाक़ वायरस की हमारे देश में दस्तक को लेकर मोदी सरकार से विनम्र आग्रह किया था कि सरकार प्राथमिकता के आधार पर इस वैश्विक संक्रमण को रोकने की दिशा में गंभीरतापूर्वक विचार करे व अविलम्ब ठोस रणनीति तैयार कर प्रभावी कार्ययोजना अमल में लाये। 

लेकिन उनके इस वक्तव्य पर कुछ सांसदों ने इस क़दर हो-हल्ला मचाना शुरू कर दिया और राहुल गांधी जी को उपहास का केन्द्र बनाकर उनकी इस संक्रमण को लेकर दूरदर्शिता एवं गंभीरता को रत्ती भर भी समझने की कोशिश नहीं की। 

सर्वविदित है कि उस दौरान एक माननीय सांसद ने तो राहुल गांधी पर अपनी टिप्पणी इस क़दर कर डाली की स्पीकर महोदय को उसे संसद की कार्यवाही से ही निकालने के आदेश देने पड़े थे। जबकि चीन व इटली में कोरोना वायरस के विनाशक ताण्डव को देखते हुए विश्व के अनेक देशों ने इस जानलेवा संक्रमण को रोकने के लिए अपने सब विमानपत्तनों पर सभी अंतराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबन्ध लगाकर सील कर दिया था। 

ज़ाहिर था कि यह खतरनाक व जानलेवा वायरस एयरपोर्टों के रास्ते से ही दस्तक दे सकता है और वहीं पर यह सब किया होता तो आज हमारे देश में भी यूँ आदमी से आदमी न ख़ौफ़ खा रहा होता। लेकिन हमारे देश की जनता का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि मोदी सरकार ने उस वक्त कोई गंभीरता नहीं दिखाई। यदि  एयरपोर्टों को तत्काल सील कर उचित कार्यवाही अमल में लायी होती तो आज देश की आन्तरिक सुरक्षा यूँ तार-२ न हुई होती। 

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आज देश स्वीकार कर रहा है कि मोदी सरकार की इस बहुत बड़ी लापरवाही ने नोटबन्दी तथा जी.एस.टी. की भांति देश के किसान, मजदूर तथा माध्यम एवं छोटे वर्ग के समस्त कामगारों व व्यापारियों से लेकर देश की आर्थिक स्थिति को ही झकझोर कर रख दिया है। नतीजतन, भविष्य में देश को इसके दूरगामी दुषपरिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। 

ख़ैर, उक्त लापरवाही के रहते कोरोना वायरस ने आज हमारे देश में असरदार दस्तक तो दे ही दी है लेकिन डर इस बात का है कि ये कहीं सामुदायिक संक्रमण की शक़्ल न अख्तियार कर ले! ऐसे में परिस्थितिवश हालात बे-काबू हो जाएंगे और स्थिति विस्फ़ोटक हो सकती है। हमें इस परिस्थिति को गंभीरता से लेना होगा तथा सरकार द्वारा लॉक ऑउट के ज़रिए सामाजिक दूरी के फॉर्मूला को अमलीज़मा देने की दिशा में इस पर दृढ़ता से क़ायम रह कर हर संभव सहयोग करना चाहिए। क्योंकि इस अभूतपूर्व संक्रमण को रोकने की दिशा में सिर्फ व सिर्फ एहतियातन सामाजिक दूरी क़ायम रखना ही अतिआवश्यक है। 

यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश में स्थित भयावह हो सकती है।मेरा केन्द्र में मोदी सरकार एवं सभी राज्य सरकारों व केंद्र शासित राज्यों से करबद्ध निवेदन है कि इस जानलेवा संक्रमण को रोकने की दिशा में अबिलम्ब देश भर में एक सार्वभौमिक कार्ययोजना सख्ती से अमल में लाई जाए तथा किसानों, मज़दूरों, कामगारों, बेरोजगारों तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों सहित अन्य सभी प्रभावित वर्गों के लोगों को बिना कोई देरी किये उनके बचत खातों में यथोचित धनराशी डाल कर आर्थिक मदद सुनिश्चित करने की दिशा में क़दम उठाया जाए  l
 

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