कुल्लू: निरमण्ड की कमला ने की  महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल,बागवानी कार्यो में महिलाओं को कर रही है प्रशिक्षित

कुल्लू: निरमण्ड की कमला ने की  महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल,बागवानी कार्यो में महिलाओं को कर रही है प्रशिक्षित

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 24 Feb, 2020 06:59 pm प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार विज्ञान व प्रौद्योगिकी लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर कुल्लू आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,आनी (हेम राज कौशल)


सेब बाग़ से अच्छी पैदावार लेने के लिए तकनीकी तौर से कटिंग प्रूनिंग से ले कर अच्छे किस्म की कलमे लगा कर पौधे तैयार करने की आवश्यकता होती है। ऐसे कार्यो के लिए अधिकतर सेब बागवान दक्ष लोगो की सेवाएं लेते है। ताकि उन सेब बाग़ अच्छी पैदावार दे। लेकिन कुल्लू जिला के आनी उपमंडल के निरमंड गाँव की एक महिला सेब बाग़ में ऐसे तमाम कार्य स्वयं कर बागवानी में जुटे पुरुषो को भी पीछे छोड़ गई है । सेब के पेड़ो में चढ़ कर प्रूनिंग कटिंग हो या फिर कलम लगाना इन कार्यो में दक्षता बागवान की तरह से करती है।

इतना ही नहीं वे आस- पास की ग्रामीण महिलाओ को भी बागवानी के गुर बारीकी से सीखा रही है। ताकि महिला शक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्रामीण महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। अब उन की प्रेरणा से कई ग्रामीण महिलाये भी बागवानी में कदम बढ़ाने लगी है। निरमंड की एकल नारी कमला वर्मा ने बागवानी को रोजगार का जरिया बना कर आगे बढ़ाया। अब इस से जब उन्हें सम्मान जनक आमदनी मिलने लगी तो अपने हुनर और तकनीक को अन्य महिलाओ में भी बाटने लगी है।

कमला ने निरमंड सबाह नामक स्थान में नवीनतम एवं उच्च गुणवत्ता वाले सेब के पौधे लगा कर सेब बाग़ तैयार किया है और इस बगीचे में सारा कार्य वे स्वयं अपने हाथो से करती है। यहां तक कि वह मर्दो द्वारा किये जाने वालेकार्य कटिंग प्रूनिंग एवं कलम लगाने का कार्य भी दक्षता के साथ करती है। इस सेब के बाग़ से कमला हर साल लाखो का सेब बेचती है और उन के सेब आस पास में सब से उत्तम माने जाते है। मंडी में भी उन को अधिक मिलते है। उन के हुनर और प्रेरणा से आसपास की ग्रामीण महिलाये भी बागवानी कार्य में निपुण बना रही है। उन्हें कमला कैसे प्रूनिंग किया जाता है, किस तरह की प्रूनिंग से अच्छी फसल ली जा सकती है। कलमे लगा कर किस तरह से नई किस्मो को ईजाद किया जा सकता है।कितनी दुरी पर पोलीनाइजर होना चाहिए बारीकी से ज्ञान दे रही है। कमला वर्मा का सेब बाग़ की गुणवत्ता को सुन दूर से लोग बाग़ देखने पहुंच रहे है।

कमला वर्मा का कहना है कि वह एकल महिला है और उन्होंने रोजगार के लिए बागवानी को चुना। उनके पति बागवानी विभाग में थे। जब जीवित थे तो उन से ही बागवानी की प्रेरणा ली थी , उसके बाद कमला वर्मा ने बागवानी का सारा काम स्वयं करना शुरू कर दिया। आज कमला वर्मा समूचे क्षेत्र में सेब पौधों के रखरखाव से लेकर के बाग़ से अधिक फसल फल लेने में सब से आगे हैं। कमला वर्मा ने बताया कि महिलाओं को इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाना चाहिए। बागवानी एक उत्तम कार्य है और इससे अच्छा पैसा कमा कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है। वे आसपास के इलाके की महिलाओं को इस काम के लिए प्रेरित कर रही है। उन्हें बता रही है कैसे कटिंग प्रूनिंग से लेकर के कलमे लगाई जाती है ।

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कुसमा देवी ने बताया कमला बहन के बगीचे में बागवानी सीखने आए हैं ,उन्होंने बताया कि वे सीख रहे हैं कि किस तरह से प्रूनिंग करनी है, कौन सा पेस्ट करना चाहिए और कौन से कलम कैसे किए जाने चाहिए। हम प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें देखकर उनसे प्रेरणा ले और हम भी अपना बगीचा तैयार कर सके।

मंडी से आए संजय भारद्वाज ने बताया मुझे जानकारी मिली थी कि निरमंड के समीप एक महिला सेब का कार्य कर रही है। उन के पास काफी अच्छी गुणवत्ता के पौधे हैं और वह सारा काम स्वयं करती है। मैं इसे देखने पहुंचा जब वह वहां पहुंचा तुम्हे देख कर के काफी हैरानी हुई। जो कार्य बागवानी के मर्द भी कम लोग ही करते है वे सारे कार्य महिला कमला कर रही है। और किस तरह से सेब का कार्य होना चाहिए हमने सीखा ,ग्रामीण महिलाओं को भी कमला सिखा रही है।
 

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