आंगनबाड़ी केन्द्रो में मिलने वाली खुराक और केंद खुलने और बन्द होने का समय सेंटरो के बाहर लिखे जाने की मांग 

आंगनबाड़ी केन्द्रो में मिलने वाली खुराक और केंद खुलने और बन्द होने का समय सेंटरो के बाहर लिखे जाने की मांग 

संवाददाता (दाड़लाघाट) 14 Sep, 2017 01:58 am प्रादेशिक समाचार स्लाइडर काँगड़ा

हिमाचल जनादेश,  ठाकुर (गगन  ) 

हिमाचल सरकार द्वारा छोटे बच्चो की देखभाल व उनको उठना बैठना सिखाने के लिए प्रदेश की हर पंचयात के हर बार्ड में आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए है । आंगनबाड़ी केन्द्रो में वर्करों की ओर से हर एक पंचयात और बार्ड में कितने छोटे बच्चे है उनकी आयु का हिसाब और उनको सरकार की और से मिलने वाली खुराक का पूरा हिसाब रखने के आदेश है पर बड़े दुख की बात है के हिमाचल सरकार द्वारा मिलने वाली आंगनबाड़ी से खुराक के बारे में बच्चो के माता पिता को आज तक कोई जानकारी नहीं है कि हमे अपने बच्चो को आंगनबाड़ी में भेजना क्यों जरूरी है ओर वहा पर बच्चो को क्या खुराक मिलने वाली है । उनको तो बस इतना मतलब है कि हमारे बच्चे एक दो घन्टे उठाना बैठना सीख आते है बच्चो के अविभावको ने बताया के वार्डो में खुली हुई आंगनबाड़ी केन्द्रों का ना ही खुलने और ना ही बन्द करने की कोई समय सारणी है  अकेले मंड एरिया की पचायतो में चल रहे आंगनबाड़ी केन्द्रो की बात की जाए तो अधिकतर केन्द्रो के वकर अपनी मनमर्जी से खोलते है अधिकतर केंद्र 11 बजे के बाद ही खुलते है और 1 बजे से पहले बन्द हो जाते है जिनकी समय सीमा को कई बार पत्रकार  का दौरा करके देख चुके है  । इतने समय में वह वर्कर छोटे छोटे बच्चो को क्या तैयार करके खीलाएगे । बच्चो को ख़ीलने को छोड़ वह आंगनबाड़ी का राशन प्रबासी लोगो और अन्य लोगो को बेचना अच्छा समझते है जोकी इस तरह के मामले स्थानीय जनता को कई बार देखने को मिलते है वही बच्चो के अभिभावको ने बताया के उन्हे पूरी जानकारी ना होने के कारण वेअपने बच्चो को हर रोज आंगनबाड़ी केंद्र नहीं भेजते ,जिस कारण बच्चो को सरकार द्वारा मिलने वाली सहुलते नहीं मिल पाती है  जो लोग रसूख वाली घरो में पंजीरी ,दूध और अन्य सुखा राशन वर्करों द्वारा खुद ही भेज दिया जाता है और अन्य देखते ही रह जाते है उन्होंने सरकार और विभाग से अपील की है कि आंगनबाड़ी केन्द्रो के बाहर आंगनबाड़ी केंद्र  खोलने और बंद करने के समय की सूची लगाई जाए । उन्होंने सरकार और विभाग से यह अपील की है कि आंगनबाड़ी में बच्चो में बच्चो की हाजरी को कम से कम विभाग एक हफ्ते में हर एक आंगनबाडी का औचक निरिक्षण करके जरूरी चैक करे और बच्चो को केन्द्रो में मिलने वाली रोजाना खुराक की एक सूची भी केंद्र के बाहर एक बोर्ड लगाकर उस पर लिखी जाए !

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