धर्मपुर प्रकरण:ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने मन्त्री के बेटे पर मानहानि के लिए भेजा लीगल नोटिस,15 दिन में सार्वजनिक माफ़ी मांगने और पचास लाख का मुआवजे की मांग

धर्मपुर प्रकरण:ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने मन्त्री के बेटे पर मानहानि के लिए भेजा लीगल नोटिस,15 दिन में सार्वजनिक माफ़ी मांगने और पचास लाख का मुआवजे की मांग

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 13 Jan, 2020 10:37 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल ताज़ा खबर स्लाइडर मण्डी

हिमाचल जनादेश,सरकाघाट(रितेश चौहान)


धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व जयराम सरकार में मन्त्री महेंद्र सिंह के बेटे रजत ठाकुर द्धारा ज़िला पार्षद भूपेन्द्र सिंह पर मज़दूरों से एक एक हज़ार रुपये लेने बारे मीडिया में दिये गए बयान का मामला आज कोर्ट पहुंच गया।

ज़िला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने मन्त्री के बेटे व युवा मोर्चा के राज्य महासचिव के खिलाफ मानहानि का लीगल नोटिस आज सरकाघाट कोर्ट में एडवोकेट सुरेश शर्मा के माध्यम से भेजा।जिसमें उनोहनें रजत ठाकुर पर झूठा आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की एवज़ में पन्द्रह दिन में पचास लाख रुपए का हर्जाना देने औऱ सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगने की मांग की है।ताकि उन्हें बदनाम करने के लिए इस प्रकार की बेबुनियादी औऱ झूठी बयानबाजी से बाज आ सकें।

भूपेंद्र सिंह द्धारा भेजे लीगल में बताया है कि वे पिछले पांच साल से धर्मपुर विकास खण्ड में सीटू मज़दूर संगठन से जुड़ी मनरेगा मज़दूर यूनियन के माध्यम से मज़दूरों की समस्याओं को हल करवाने और उन्हें राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकृत करवाने का काम कर रहे हैं जिसके चलते अभी तक धर्मपुर खंड की 35 पँचयतों के पांच हजार से ज्यादा मज़दूरों का पंजीकरण किया गया है और उन्हेँ बोर्ड से दस करोड़ रुपये के लाभ मिल चुके हैं।

ये सारा काम मज़दूर यूनियन के माध्यम से औऱ ज़िला पार्षद होने के नाते कर रहे है और यूनियन ने मज़दूरों की सुविधा के लिए  अलग अलग स्थानों पर दफ़्तर भी खोले हैं।  35 पंचायतों में पांच हजार मज़दूरों को यूनियन का सदस्य बनाया गया है और सभी से यूनियन के नियमानुसार वार्षिक सदस्यता शुल्क व मासिक चंदा लिया जाता है लेकिन मन्त्री के बेटे ने मंडी लेबर आफ़िस में जाकर और मीडिया में ये झूठा आरोप लगाया है कि भूपेंद्र सिंह एन्ड  कम्पनी धर्मपुर में मज़दूरों से एक एक हज़ार रुपये लेते हैं और उसमें से कर्मचारिओं को मंडी जाकर रिश्वत देते हैं।ये सारी बात उनके पास वीडियो रिकॉर्डिंग में उपलब्ध हैऔऱ सोसल मीडया और अखबारों में छपी खबर में दर्ज है।

भूपेंद्र सिंह ने ये भी बताया मन्त्री के बेटे ने ये भी आरोप लगाया है कि सारे लाभ सजाओपीपलु ज़िला परिषद वार्ड की पंचायतों को ही मिल रहे हैं जबकि मनरेगा मज़दूर यूनियन धर्मपुर की 35 पँचायतों में इस काम को कर रही है और मन्त्री की पँचायत ध्वाली के कार्ड भी हमने ही बनवाये थे।

ज़िला पार्षद ने आरोप लगाया कि जबसे मन्त्री की बेटी ज़िला परिषद का चुनाव हारी है तब से वे सजाओपीपलु वार्ड के साथ भेदभाव कर रहे हैं और अब तो साबित हो गया कि मन्त्री का परिवार इस वार्ड के मज़दूरों के प्रति बदले की भावना से काम कर रहे हैं।  इसी सोच के कारण वे मनरेगा मज़दूरों को मिलने वाले लाभों को वितरित करने में अड़चनें डाल रहे हैं और पिछले छह माह से एक हज़ार से ज्यादा मज़दूरों का सामान धर्मपुर में पड़ा है लेकिन वे उसे बंटने नहीं दे रहे हैं और इसके लिए मज़दूर दो बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लेकिन सामान वांटने के बजाए वे मज़दूरों और बोर्ड के कर्मचारियों को डराने धमकाने औऱ ट्रांसफर करने की धमकियां दे रहे हैं।जिसके ख़िलाफ़ यूनियन ने आज से सभी पंचायतों में जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है जिसके तहत मज़दूरों की मीटिंगे की जाएंगी और पर्चा वितरण किया जाएगा।

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