मंडी:दस साल से काम में लगे ठेकेदार और अधिकारियों को विभाग का तोहफा, योजना तो बनी नहीं लेकिन आराम के लिए रेस्ट हाउस तैयार, लागत 32 से 40 करोड़ के पार,20 गांवों के खेत आज भी सूखे

मंडी:दस साल से काम में लगे ठेकेदार और अधिकारियों को विभाग का तोहफा, योजना तो बनी नहीं लेकिन आराम के लिए रेस्ट हाउस तैयार, लागत 32 से 40 करोड़ के पार,20 गांवों के खेत आज भी सूखे

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 02 Jan, 2020 06:13 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल सुनो सरकार विज्ञान व प्रौद्योगिकी ताज़ा खबर स्लाइडर मण्डी

हिमाचल जनादेश,रितेश चौहान (सरकाघाट)

गत दस साल से बन रही बहरी ध्वाली उठाऊ सिंचाई योजना से किसानों के खेत तो तर नहीं हो सके लेकिन योजना के थके हारे अफसरों और ठेकेदारों के लिए विभाग ने आलीशान रेस्ट हाउस जरूर बनवा दिया।अब सवाल यह है कि लोगों के खेत तो सूखे हैं ,खेती होगी नहीं तो किसान भवन में आराम किया जाए या सरकारी तंत्र को कोसा जाए।वहीं इस बहुप्रतीक्षित योजना की लागत भी 32 के बजाय 40 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई।


धर्मपुर मंडल के तहत बहुप्रतीक्षित बहरी मढ़ी ध्वाली उठाओ सिंचाई योजना 10 वर्षों बाद भी पूरी तो नहीं की जा सकी परंतु योजना के पैसों से थके हारे नेता अधिकारियों और ठेकेदारों के लिए किसान भवन के नाम पर आलीशान रेस्ट हाउस जरूर बना डाला है l हैंरानी इस बात की है कि 10 वर्ष पूर्व भाजपा सरकार में 2 फरवरी 2009 को इस योजना का पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शिलान्यास किया था l

उन्होंने 3 साल में योजना पूरी करने की घोषणा की थी परंतु 10 साल बीत जाने बाद भी 7 करोड़ अधिक बजट खर्च करने बाद भी योजना आज तक पूरी नहीं की जा सकी है बल्कि अधिकारियों राजनेताओं और ठेकेदारों के आरामगाह के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ का किसान भवन के नाम पर रेस्ट हाउस जरूर बना दिया है l यह रेस्ट हाउस आईपीएच विभाग द्वारा आईपीएच  मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर के पुश्तेंनी घर धवाली के बिलकुल पास बनाया गया है l

बताते चलें कि धर्मपुर मंडल के तहत बहरी-धवाली-मढ़ी उठाऊ सिंचाई योजना वर्ष 2009 में 32 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृत हुई थी।लेकिन दस साल में भी ये स्कीम पूरी नहीं हुई है और इस पर अभी तक 38 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं जो स्वीकृत बजट से ज्यादा है।

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ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस सिंचाई योजना से बीस गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की योजना विभाग ने बनाई है लेकिन स्वीकृत बजट खत्म हो गया है लेकिन अभी पानी बीस में से एक भी गावँ को उपलब्ध नहीं हुआ है औऱ पिछले दो सालों से केवल रेस्ट हाउस बनाने के काम में ही प्रगति हुई है।जो विभाग और विभाग के मन्त्री की प्राथमिकता और कर्यप्रणाली को दर्शाता है जिसमें दस साल में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है लेक़िन अपने घर के नज़दीक आलीशान रेस्ट हाउस बना दिया गया।

हालांकि वर्तमान सरकार आई पी एच विभाग के मन्त्री भी धर्मपुर से ही बने हैं बाबजूद इस स्कीम के काम में कोई तेज़ी नहीँ आयी है और न ही सुधार हुआ है। इस योजना के तहत आने वाले कई गांवों के लिए तो अभी पाईप लाईन भी नहीं डाली गई है और न ही अभी तक पाईप लाईन की टेस्टिंग की गई है।

हिमाचल किसान सभा खण्ड कमेटी धर्मपुर ने इस सिंचाई योजना को जल्द पूरा करके किसानों के लिए पानी उपलबध करने की मांग की है।ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने ये भी बताया कि इस योजना के अंतर्गत विभाग व मन्त्री ने एक आलीशान रेस्ट हाउस बना दिया और इस योजना का अधिकांश पैसा उस पर खर्च कर दिया है और इसका संचालन भी ठेकेदार के माध्यम से शुरू कर दिया गया है जिसके लिए एक वर्ष का ठेका दस लाख रुपये का दे दिया गया है।

भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि किसानों के नाम पर औऱ किसानों के लिएसिंचाई योजना के स्वीकृत बजट में से जिस रफ़्तार से ये रेस्ट हाउस बनाया गया है उस रफ़्तार से सिंचाई योजना का काम विभाग व मन्त्री कियूँ नहीँ कर रहे हैं।उनोहनें ये भी आरोप लगाया है कि असल में इस स्कीम में एक किसान भवन के निर्माण के लिए कुछ धनराशी का प्रावधान किया गया था लेकिन दो साल पहले वर्तमान सरकार में आई पी एच मन्त्री बने यहां के विधायक महेंद्र सिंह ने इसे रेस्ट हाउस में तबदील करवा दिया और इस योजना को नजरंदाज करके अधिकतर पैसा इस विश्राम गृह पर खर्च करवा दिया और युद्धस्तर पर काम करवा कर पूरा भी कर दिया है।

जबकि रेस्ट हाउस का फ़ायदा किसानों के बजाए नेताओं, ठेकेदारों औऱ अधिकारियों को ही होगा लेक़िन बजट किसानों के नाम पर खर्च कर दिया गया है।हिमाचल किसान सभा खण्ड कमेटी और ज़िला पार्षद ने इस सिंचाई योजना को जल्दी पूरा करने की मांग की है और यदि सिंचाई योजना का पैसा रेस्ट हाउस में लगाया गया है तो इसकी जांच करने की भी मांग की है।
डिस्ट्रीब्यूशन डिस्पयुट  के कारण रुकी थी योजना :

एक्सियन  
बहरी मढ़ी  धवाली सिंचाई  योजना पर 37 करोड़ 88 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं l ध्वाली में बनाया गया किसान भवन  भी इसी योजना के बजट के तहत था l योजना पूरी तरह से तैयार कर ली गई है l इसी महा जनता को सौंप दी जाएगी l

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