47 साल बाद भी नहीं मिली पौंग बांध विस्थापितों को राजस्थान में भूमि : तीर्थ राम

47 साल बाद भी नहीं मिली पौंग बांध विस्थापितों को राजस्थान में भूमि : तीर्थ राम

संवाददाता (इंदोरा ) 13 Sep, 2017 11:00 pm प्रादेशिक समाचार स्लाइडर काँगड़ा

हिमाचल जनादेश,धर्मशाला(बलदेव पठानिया)

राहत एवं पुनर्वास कार्यालय राजा का तालाब में  बुधवार को  पौंग बांध विस्थापित संघर्ष समिति(रजि.) के प्रदेश अध्यक्ष तीर्थ राम शर्मा की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई।इस मौके  समिति अध्यक्ष तीर्थ राम ने कहा  कि  पौंग बांध निर्माण के समय  राजस्थान व प्रदेश  सरकार में पानी के बदले  विस्थापितों के लिए प्रथम चरम में 2.20 लाख एकड़ भूमि का प्रावधान किया गया था। परन्तु लगभग 47 साल बीत जाने के उपरांत भी कई  विस्थापितों को राजस्थान में भूमि नहीं मिल पाई।जबकि राजस्थान सरकार हमेशा  से विस्थापितों के साथ दोहरे मापदंड अपनाकर उनके साथ भेदभाव की नीति अपना रही है।आज तक विस्थापित अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं । न तो प्रदेश सरकार की तरफ से उनकी समस्याओं पर गौर फ़रमाया गया। न ही राजस्थान सरकार  उनकी पीड़ा को समझ पाए।संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार की मिलीभगत से वहां पर विस्थापितों को एक साजिश के तहत खदड़ने की तैयारी चल रही है। राजथान का माफिया वहाँ के प्रशासन को साथ लेकर विस्थापितों के साथ मारपीट कर रहा है। परन्तु प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कोई पग नहीं उठाया।समिति का कहना है कि पौंग बांध के निर्माण के समय समझौते के अनुसार जिला गंगानगर में भूमि देंना निश्चित था या तो चार दशकों से विस्थापित का दंश झेल रहे लोगों को प्रथम चरण में भूमि दी जाए या अगर राजस्थान सरकार वहां भूमि  नहीं दे सकती तो जिला गंगानगर के मुरब्बों की मौजूदा कीमत के अनुसार प्रत्येक विस्थापित को डेढ़ करोड़ रुपया दिया जाए। अन्य किसी भी जगह विस्थापितों को भूमि स्वीकार्य नहीं होगी।वहीं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जिन 400 खारिज मुरब्बों को बहाल किया गया है ।वहां बैठे भू माफिया को प्रदेश सरकार दखल देकर विस्थापितों को कब्जे दिलवाये।ऐसे ही पैनल्टी वाले 1188 मुरब्बे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अनुपालना में बचे हुए पौंग बांध  विस्थापितों को आबंटित करने का आदेश है।परन्तु राजस्थान सरकार कोर्ट की अवमानना करके वहां से भू माफिया को हटाकर विस्थापितों को उनका हक देने में असफल रही।समिति ने प्रदेश व राजस्थान सरकार से जिला गंगानगर में विस्थापितों को जल्द से जल्द भूमि देने का आग्रह किया है।समिति का कहना है कि यदि यह सब सम्भव नहीं होता है। तो प्रदेश सरकार को राजस्थान सरकार को पानी देना तुरन्त बन्द  करना चाहिए।इस दौरान समिति राहत एवं पुनर्वास उपायुक्त शिवदेव सिंह से भी मिले।उपायुक्त ने समिति को आश्वस्त किया कि प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्या का समाधान दोनों सरकारों की सहमति से यथाशीघ्र किया जाएगा।इस मौके पर समिति महासचिव लेखराज, कर्म सिंह, अश्वनी अवस्थी, हमीर सिंह,जोगिंदर सिंह, प्रीतम सिंह, उपस्थित रहे।

 

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