बचपन

बचपन

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 18 Nov, 2019 10:14 am प्रादेशिक समाचार लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश ,(राजीव डोगरा)

 

वो बचपन वो नादानियाँ 
न जाने
अब कहाँ चली गई,
घूमता फिरता था जहाँ
वो हसीन वादियाँ भी
न जाने
अब कहाँ चली गई।

 

बैठ जिस नदी किनारे
करता था अठखेलियां 
वो नदी भी न जाने 
अब कहाँ चली गई,
वो आम का वृक्ष
बैठ जिसके नीचे 
देखता था अंबर और अवनि को
वो वृक्ष भी न जाने
अब कहाँ चले गए।

 

एक सखी थी
बड़ी प्यार सी
एक सखा था 
बड़ा नटखट सा
मिल तीनों करते थे।

 

बड़ा धूम धड़ाक
पर न जाने 
समय के पांव के संग
अब वो कहाँ चले गए
न अब बचपन रहा

 

न अब नादानियाँ रही
दोनों मिल अब 
न जाने
कहाँ दूर चले गए।

 

राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 176029

 

Comments

Leave a comment

What's on your mind regarding this news!

Your comment *

No comments yet. Be a first to comment on this.