अनजान डर

अनजान डर

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 04 Nov, 2019 01:17 pm प्रादेशिक समाचार लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश ,(राजीव डोगरा)

किसी के आने से पहले
किसी के जाने का
डर बना रहता है।

जीवन में एक अनजाना  सा
निराशा का पल
बना रहता है।

कभी सोचता हूं,
सब कुछ समेट लू खुद में
फिर खुद को लोगो से
छुपाने का इलज़ाम बना रहता है।

रेत की तरह समय
हर पल हर जगह
हाथो से निकलता जा रहा है।

यूं लगता है,
सब कुछ पाकर भी
कुछ-कुछ खोता जा रहा हूं।

राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 176029
Rajivdogra1@gmail.com

 

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