उन्मुक्त पंछी

उन्मुक्त पंछी

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 22 Oct, 2019 12:04 am प्रादेशिक समाचार लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा शिक्षा व करियर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश ,राजीव डोगरा

उन्मुक्त गगन का पंछी हूँ 
दूर कही जा 
उड़ जाऊंगा।
      लेकर तेरी यादों को संग
      अंबर की छोर में 
      जा अकेला 
      कही छुप जाऊंगा।
      ढूंढेंगी तेरी अखियां 

तलाश करेगी 
तेरे दिल की हर धड़कनें।
पर मैं तेरी
यादों की नाव ले
समुंदर की गहरी ओट में
कही जा छुप जाऊँगा।
                तुम ढूंढगे मुझे
                टूटी हुई 
               अपनी हर अनुभूति में।

तुम तलाश करोगें मुझे
बिखरी हुई 
अपनी हर अभिव्यक्ति में।
पर मैं तुम्हें मिलूंगा 
उस अनंत ईश्वर की
अब छोर में।
            क्योंकि तुमने 
            मुझे छोड़ दिया था 
            जीवन के हर मोड़ में।

राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल,ठाकुरद्वारा।
पिन कोड 
176029
Rajivdogra1@gmail.com

 

Comments

Leave a comment

What's on your mind regarding this news!

Your comment *

No comments yet. Be a first to comment on this.