हमीरपुर :हाईकोर्ट के आदेश से खफा हुए हमीरपुर के लोग, इस बार भी नहीं मनाएगा दशहरा

हमीरपुर :हाईकोर्ट के आदेश से खफा हुए हमीरपुर के लोग, इस बार भी नहीं मनाएगा दशहरा

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 08 Oct, 2019 04:10 pm प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार धर्म-संस्कृति लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर हमीरपुर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश ,हमीरपुर (ब्यूरो )

एक ओर पूरे देश भर में आज दहशरा पर्व की धूम है लेकिन हमीरपुर के लोगों ने इस पर्व को नहीं मनाना तय कर लिया है। दरअसल हाईकोर्ट के निर्णय  के चलते इस बार भी हमीरपुर में दशहरा उत्सव नहीं मनाया जाएगा।हमीरपुर नगर में दशहरा उत्सव नहीं होने से लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है। लोगों में इसके प्रति गहरा रोष व्याप्त है। हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों के खेल मैदान में आयोजित होने वाली अन्य गतिविधियों पर पूर्णतया रोक लगाई जा रही है।

यह लगातार दूसरा साल है जब हमीरपुर के लोगों ने दशहरा पर्व से जुड़े किसी भी कार्यक्रम के आयोजन से मना कर दिया है। इससे पहले हर साल दशहरा उत्सव सीनियर सेकेंडरी बाल स्कूल के खेल मैदान में दशहरा धूमधाम से मनाया जाता रहा है और रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी जलते रहे। पिछले दो साल से हमीरपुर नगर में दशहरा के मौके पर पुतले का दहन नहीं किए जाने से दशहरा पर्व की रौनक फीकी पड़ गई है। ऐसा पिछले 20 वर्ष के इतिहास में लगातार दूसरी बार हो रहा है।मालूम हो कि इस बार हाईकोर्ट से केवल रामलीला के लिए ही स्कूल ग्राउंड का एक कोना प्रयोग करने की अनुमति मिल पाई है।

इस बारे में नगर परिषद हमीरपुर के उपाध्यक्ष और दशहरा मेला आयोजन कमेटी के प्रमुख कर्णधार रहे दीप कुमार बजाज का कहना है कि नगर में व्यापारी एवं शहरवासी मिलकर पिछले 20 वर्षों से लगातार दशहरा उत्सव एवं पुतला दहन करते आए हैं।उन्होंने कहा कि दो वर्षों से यह परंपरा टूटी है।उन्होंने कहा कि नगरवासियों को इस परंपरा को चलाने के लिए आगे आना चाहिए ताकि नयी पीढ़ी का रुझान हिंदू संस्कारों, पर्वों एवं त्योहारों को मनाने के प्रति बरकरार रहे। 

रामलीला में मुख्य किरदार निभाने वाले राजेश शर्मा ने बताया कि रामलीला कमेटी के द्वारा रामलीला की जाती है लेकिन दशहरा नहीं मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह अच्छी बात नही है क्योंकि दशहरा मनाया जाना चाहिए।स्थानीय पार्षद अश्वनी कुमार ने बताया कि पिछले दो सालों से दशहरा नहीं मनाया गया है और खेल मैदान में दशहरा के पुतलों के दहन की इजाजत नहीं मिल पाने के चलते पर्व नहीं मनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि रामलीला मनाने की इजाजत मिली है। लेकिन पुतले नहीं जलाए जाएंगे। 
 

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