काँगड़ा:सरकारी योजनाओं की पोल खोलती अभागिन प्रेम लता की कहानी,न सिर पर छत -एक ही दिन उठे पति-बेटी के जनाजे 

काँगड़ा:सरकारी योजनाओं की पोल खोलती अभागिन प्रेम लता की कहानी,न सिर पर छत -एक ही दिन उठे पति-बेटी के जनाजे 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 29 Sep, 2019 01:04 pm प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर काँगड़ा स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,काँगड़ा(ब्यूरो)

यूँ तो सरकारें योजनाओं और वादों  का प्रचार-प्रसार तो कई विज्ञापनों व  रैलियों में करती है लेकिन ये योजनाएं आम आदमी तक कितनी पहुंचती है इसका अंदाजा आप उपमंडल इदौरा के अन्तर्गत आती पंचायत इन्दपूर के वार्ड नः 2 की प्रेम लता के घर का हाल देखकर  जान जाओगे ।


प्रेम लता का घर बहुत ही जर्जर अवस्था में है , इनके  मकान के साथ लगती गली को पंचायत द्वारा  पक्की किये  जाने के  कारण बरसात का पानी इनके मकान को गिराने पर तुला है।  प्रेम लता का पति  रमेश चन्द की मृत्यु कैंसर की बीमारी से हो चुकी  है । दुर्भाग्य की पराकाष्ठा तो देखो जिस दिन इस अभागिन के  पति की मृत्यु हुई उसी दिन उनकी जवान बेटी  भी पानी गर्म करते  आग लगने से  जलकर कर काल का ग्रास बन गई थी ।

 अति गरीब व  आर्थिक तंगी में  जीवन व्यतीत कर रहा परिवार अभी बाप - बेटी  की मौत के जख्मों  को नही भूला  था  कि घर में पढ़ा लिखा बेटा भी कुछ ही दिन बाद सांप के डसने  से काल का ग्रास हो गया। 


पीडित़ माँ प्रेम लता का कहना  हमारी गरीबी के कारण हमारा परिवार हमसे बिछड़ गया क्योंकि हमारे पास सही उपचार के लिए पैसों की बहुत तंगी थी लेकिन सरकार ने आज तक हमारी कोई मदद नहीं की। उसने बताया कि  हमारा नाम बीपीएल में तो है लेकिन उसका आज तक हमें कोई फायदा नहीं हुआ और न ही सरकार की तरफ से उज्जवला योजना के तहत गैस और न ही  शौचालय योजना और  न ही गृह निर्माण के लिए सरकार की तरफ से कोई अनुदान मिला है  ।

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पीड़िता प्रेमलता का कहना है कि  मैं और मेरा एक बेटा बचा है।  नाम आँखों से उसने पूछा कि क्या प्रशासन और सरकार तब जागेंगे जब मेरा घर गिर जाएगा और हमारी मौत हो जाएगी? 


एक ही दिन जली बाप-बेटी  की चिताएं
उसने  बताया कि  मेरे पति रमेश चन्द कैसंर की बीमारी से ग्रस्त थे। गरीबी के कारण घर का गुजारा भी मुश्किल था इलाज न होने से पिता का साया बच्चों के सिर से उठ गया।  जिस दिन मेरे पति की मृत्यु हुई उसी दिन पानी गर्म कर रही जबान बेटी  की स्टोव का फटने से मृत्यु हो गई।  हमारे पास साधन नही था कि उसको अस्पताल भी  पहुचां सकते।  जब उसको अस्पताल पहुंचाया तब तक देर हो गई थी।  


सांप के काटने से पढ़ा लिखा बेटा भी बना काल का ग्रास :

अभागिन ने बताया कि मकान कच्चा होने के कारण घर में आए दिन सांप बिच्छु निकलते रहते है। उसने बताया  एक मेरा छोटा लड़का पढ़ाई में  अबल  था शाम के समय उसको सांप ने काट लिया। हमारे पास पैसे नहीं थे उसको कहीं उपचार के लिए ले जाएं जिसकारण  लड़का मृत्यु को प्यारा हो गया था।

 

परिवार को नहीं मिली सरकार की एक भी योजना :

जिन योजनाओं का हवाला देकर सरकारें आम गरीब जनता को ठगती है ऐसी कोई भी योजना परिवार को नही मिली है । बहुत मुश्किल से एक विधवा पेशंन लग पाई है लेकिन आवास योजना के घर की आस आज भी परिवार को आस है। पचांयत ने जिस ठेकेदार को गली का ठेका दिया था उसको गरीब व  लाचार प्रेम लता का घर भी नहीं दिखा। गली ऊंची करने से सारा पानी उनके मकान में गिरने को आमदा  हुआ है।  

इंन्दपूर पचांयत प्रधान सोम राज धीमान का कहना है कि  प्राथमिकता के आधार पर इस परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डाला गया है, जब भी इनका नंबर आएगा इनको मकान दे दिया जाएगा। 

इस संबंध में जब खण्ड विकास अधिकारी इंदौरा सुशीला शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा के अगर मकान की हालत अधिक जर्जर है तो उसकी मुरमत के लिए इस परिवार को विभाग की तरफ से 25 हजार की राशि दी जा सकती है और फिर पांच साल तक मकान के लिए यह परिवार अनुदान नही ले सकता है । अगर इस परिवार के मकान को बनाने लिए PMAY  के तहत डाला कर जीयो टैकिंग हो गई है तो जैसे ही इस स्कीम के तहत मकान पास होकर आएंगे जल्द ही इस परिवार को अनुदान राशि दे दी जाएगी। 

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