खुलासा :अपनी राजनैतिक जमीन खिसकती देख CITU ने IGMC शिमला को बनाया निशाना ,पढ़ें पूरी खबर.....

खुलासा :अपनी राजनैतिक जमीन खिसकती देख CITU ने IGMC शिमला को बनाया निशाना ,पढ़ें पूरी खबर.....

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 24 Sep, 2019 08:17 pm प्रादेशिक समाचार राजनीतिक-हलचल लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर शिमला स्वस्थ जीवन आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश,मोनू राष्ट्रवादी 

बीते दिनों आईजीएमसी में सीटू कार्यकर्तों द्वारा किये गए हो हल्ले ने नया मोड़ ले लिया है। सीटू द्वारा किये गए इस हो हल्ले के पीछे की सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।
 दरअसल आईजीएमसी के सुरक्षा गार्ड पिछले कई वर्षों से सीटू के संरक्षण में रह रहे थे लेकिन सीटू ने अपनी नीतियों के चलते इन सुरक्षा कर्मचारियों को अपने राजनैतिक हित साथने के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।  जिसके चलते सीटू इन्हे कई बार अस्पताल से बाहर  अन्य जगहों पर धरना प्रदर्शन के लिए भी इस्तेमाल करने लगी थी। 

हालाँकि साल भर पहले आईजीएमसी प्रशासन ने उन्हें परिसर के बहार इस तरह की गतिविधियों में भाग न लेने के निर्देश भी जारी किये थे। सीटू अपने अन्य कार्यक्रमों को करने के लिए इन सुरक्षा कर्मचारियों से धन भी अर्जित करने लगा जिससे तंग होकर सुरक्षा कर्मचारियों ने सीटू का दामन छोड़ दिया।

 सीटू की अपनी सियासी जमीन खिसकती देख 15 सितम्बर को दो महिलाओं के बीच हुए झगडे के माध्यम आईजीएमसी में हस्तक्षेप करने का मौका मिला लेकिन इस मौके की फ़िराक में उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के उन आदेशों का उलंघन कर दिया जिसके अनुसार किसी भी सरकारी संसथान के 500 मीटर दायरे के अंदर इस तरह का प्रदर्शन दंडनीय अपराध है।  इतना ही नहीं उनके इस प्रदर्शन के दौरान करीब दो घंटे तक अस्पताल के कार्य भी बाधित रहे व मरीजों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ी। 

आइजीएमसी में तैनात सुरक्षा गार्ड यूनियन ने सीटू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।  यूनियन अध्यक्ष देवराज उर्फ़ बबलू के अलावा प्रवीण कुमार ,मीरा देवी ,सुनीता ,उषा ,देवेंदर,हेम प्रकाश ,आदि ने बताया कि सीटू आये दिन सुरक्षा कर्मियों पर राजनीतिक दबाव बना रही है, जिसके कारण सुरक्षा कर्मियों का काम करना मुश्किल हो गया है। 

उन्होंने बताया कि  आइजीएमसी सुरक्षा कर्मियों ने सीटू को प्रदेश के हर धरने के लिए सुरक्षा गार्डों ने चंदा इक्कठा किया और लगभग 1 लाख 35 हाजर रुपये  के करीब है जिसकी कोई रसीद भी सीटू ने आज दी।  उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा गार्डों ने सीटू को चंदा देने से मना कर दिया तो सीटू ने गार्डों को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र रचा है। 

15 सितम्बर को भी जब एक महिला गार्ड ड्यूटी के बाद अपने कपड़े चेंज कर रही थी तभी सीटू समर्थित दूसरी सुरक्षा गार्ड संदीपा ने उसके साथ मारपीट की।  जिसके उपरान्त सीटू ने आईजीएमसी परिसर ने खूब हो हल्ला किया जिसमें एक महिला सुरक्षा गार्ड घायल भी हो गयी।

गार्ड युनियन अध्यक्ष बबलू ने सरकार से मांग की है कि महिला सुरक्षा गार्ड से मारपीट करने वाले सीटू नेता पर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाए। 


अब देखना यह है कि आईजीएमसी में हुए इस प्रकरण पर सरकार क्या करवाई करती है?

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