चुराह हादसा : घायल महिला को समय रहते मिल जाती प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा तो बच सकती थी जान , लोगों ने की डॉक्टर के निष्कासन की मांग 

चुराह हादसा : घायल महिला को समय रहते मिल जाती प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा तो बच सकती थी जान , लोगों ने की डॉक्टर के निष्कासन की मांग 

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 17 Sep, 2019 05:11 pm प्रादेशिक समाचार क्राईम/दुर्घटना सुनो सरकार सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर चम्बा स्वस्थ जीवन

हिमाचल जनादेश,तीसा (सतपाल शर्मा)

 

आज एक ऐसी दुर्घटना घटी जिससे हर किसी की चीख निकल उठी लेकिन एक व्यक्ति ऐसा था जिसका फर्ज बनते हुए भी मौके पर नहीं पहुंचा जिस कारण  एक जिंदगी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।  

नकरोड़ के समीप आज सुबह  हुई पिकअप दुर्घटना में दो व्यक्ति मौके पर ही मृत्यु हो गए जबकि  एक औरत जो उस पिकअप की चपेट में आयी थी उसकी  सांसे चली हुई थी व प्राथमिक सहायता के लिए तरस रही थी, वह भी उस जगह पर जहां से पीएचसी कम से कम 50 मीटर दूरी पर था। इतनी कम दूरी होने के बावजूद भी डॉक्टर मौके पर नहीं आया।

मौके वारदात से डॉक्टर को लगभग 10 लोगों ने फोन किया लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और अपने ऑफिस से घटनास्थल तक नहीं आया। फोन करने वालों में से एक पूर्व जिला परिषद थाली वार्ड अब्दुल मजीद और पूर्व बीडीसी चेयरमैन केके महाजन और अन्य लोग थे लेकिन डॉ आशुतोष अपनी पीएचसी नकरोड से 50 मीटर दूर घटनास्थल तक नहीं आए।

हैरानी की बात ये कि  मौके पर पहुंचे विधानसभा उपाध्यक्ष ने भी फोन किया लेकिन उसके बावजूद भी उनके फोन की अवहेलना की।   मौके से  विधानसभा उपाध्यक्ष ने सीएम को फोन किया और डॉ आशुतोष को अपने पद से निष्कासित करने की मांग की।  

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लोगों में डॉक्टर के खिलाफ काफी रोष है  और लोगों ने  स्वास्थ्य विभाग और विधानसभा उपाध्यक्ष  हंसराज से मांग की कि   ऐसे डॉक्टरों को  तुरंत  अपने पद से निष्कासित किया जाए। लोगों का कहना है कि ऐसे डॉक्टरों को अपनी कुर्सी पर रहने का कोई अधिकार नहीं जो अपने कर्तव्य से विमुख है। 

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