पी.टी.ए: अपने वादे से पल्टी वीरभद्र सरकार,अब होगा आन्दोलन

पी.टी.ए: अपने वादे से पल्टी वीरभद्र सरकार,अब होगा आन्दोलन

संवाददाता (इंदोरा ) 12 Sep, 2017 02:57 am प्रादेशिक समाचार स्लाइडर

हिमाचल जनादेश,शिमला(संगम)

हिमाचल प्रदेश पी.टी.ए शिक्षक संघर्ष मंच के प्रदेशाध्यक्ष पंकज कुमार , महिला प्रकोष्ठ की राज्य अध्यक्ष छवि सूद , राज्य उपाध्यक्ष दिनेश पटियाल ,महासचिव राजपूत संजीव ठाकुर ,मुख्यस्लाहकर नरेंदर शर्मा ,राज्य कोषाध्यक्ष रविकांत शर्मा ,संयोजक कासिम खान , सहसचिव अमित शर्मा सचिव विनीता ठाकुर आदि पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए प्रदेश सरकार से मांग की है कि सरकार आगामी 14 सितम्बर की कैविनेट में अनुबन्ध पीटीए अध्यापकों को सशर्त नियमितीकरण का बहुप्रतीक्षित निर्णय लेकर हजारों अध्यापकों के हित को सुरक्षित करे । संघर्ष मंच ने एक बार फिर से अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार चुनावी वर्ष में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं 2012 में सत्ता में आते ही नियमित करने का वायदा किया था गौरतलव है कि सरकार तो बनी पर वो वायदा सरकार के कार्यकाल के आखरी महीनों में भी अभी तक पूरा नही हो सका है । पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार किसी कारणवश उपरोक्त मांग को पूरा करने में असमर्थ है तो सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 2 साल का अनुबन्ध कार्यकाल पूरा करने वाले अनुबन्ध कर्मचारियों को महंगाई भत्ता ( DA) देकर आंशिक राहत दी जाए साथ ही पैट अध्यापकों की तर्ज़ पर वन टाइम रिलेक्सशेसन इन ट्रांसफर पॉलसी का प्रावधान किया जाए क्योंकि टांसफर की सुविधा न होने के चलते इस वर्ग को पिछले 12 साल से भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है इसलिए अगर सरकार आगामी मंत्री मण्डल की महत्वपूर्ण वैठक में इसपर निर्णय लेती है तो अनुबन्ध कर्मचारियों को राहत मिल सकेगी जिससे अनुबन्ध पीटीए अध्यापक भी लाभान्वित होंगे । पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें पूर्ण विस्वास है कि सरकार हमारे वर्ग को भी चुनावी वर्ष में कुछ न कुछ राहत देने का प्रयास जरूर करेगी और हमसे किये वायदे अनुसार सरकार इस कैविनेट मीटिंग में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अध्यापकों के पिछले डेढ़ दशक के शोषण से राहत देगी व संघर्ष मंच की पिछले 3 सालों से चली आ रही मांग पूरा करेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2012 के विधान सभा चुनावों में कांग्रेस ने वादा किया था की सत्ता में आने पर पीटीए अध्यापकों को नियमित किया जाएगा जिसपर इस वर्ग ने सत्तारूढ़ दल का सार्वजनिक तौर पर खुला समर्थन करकर सत्ता तक पहुचाने में महत्वपूर्ण भस वर्ग को अभी तक राहत के नाम पर कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है बल्कि सरकार द्वारा इस वर्ग की जायज मांगों को लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है जिससे इस वर्ग में सरकार के खिलाफ व्यापक रोष है अब जबकि सरकार चुनावी वर्ष में लगभग सभी कर्मचारियों को तोफे दे चुकी है लेकिन अनुबंध पीटीए अध्यापक अपने आप को ठगा और नज़रअंदाज़ होता सा महसूस करने के बावजूद राहत की आस में बैठे है । संघर्ष मंच के पदाधिकारियों ने कहा है कि 12 साल की सेवाओं के बाद भी अपने भविष्य को लेकर भारी मानसिक दबाव एवं जिंदगी के सबसे कठिनतम दौर से गुजर रहे पीटीए अध्यापकों ने सरकार के समक्ष 3 सूत्रीय मांग रखी है अगर सरकार इन मांगों को पूरा नही करती है तो आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ दल को भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है । अनुबन्ध पीटीए अध्यापकों ने सरकार से हजारों परिवारों की भावनाओं से खिलबाड़ न करने का विशेष आग्रह किया है और उमीद जताई की इसपर सरकार और राजनितिक दल राजनीती से ऊपर उठकर जनहित में जल्द उचित निर्णय लेंगे क्योंकि राजनितिक दलों के लिए ये राजनितिक मुद्दा हो सकता है लेकिन हजारों अध्यापक परिवारों के लिए ये सिर्फ रोजी रोटी और मान सम्मान को बचाने की जंग है । संघर्ष मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के लिए हमारे वर्ग की उपेक्षा करके मिशन रिपीट करना इतना आसान नही होगा लेकिन अगर सरकार इस मन्त्रिमण्डल की बैठक में हमारे वर्ग को राहत देती है तो हम सरकार को खुले समर्थन का ऐलान करेंगे ।

Comments

Leave a comment

What's on your mind regarding this news!

Your comment *

No comments yet. Be a first to comment on this.