खुलासा: DC काँगड़ा ने वीआईपी नंबर के लिए फूके डाले जनता के 1 लाख

खुलासा: DC काँगड़ा ने वीआईपी नंबर के लिए फूके डाले जनता के 1 लाख

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 11 Sep, 2017 11:05 am प्रादेशिक समाचार सुनो सरकार ताज़ा खबर स्लाइडर मण्डी

हिमाचल जनादेश,सुंदरनगर

उपायुक्त के नए खरीदे एक्स यू वी वाहन को एच पी 40 डी 0001 के लिए फूक डाले  1 लाख
ब्यूरोक्रेट्स व ओहदेदार वीआईपी वाहनों पर खास नम्बरो  के चाहवान

वीआईपी ठसक के चाहवान ओहदेदार व ब्यूरोक्रेट्स  जनता के पैसे का खूब दुरूपयोग कर रहे है। जहा सरकार के नुमाईंदे ठाठ के लिए महंगी नए लग्जरी वाहन खरीद कर वी आई पी नम्बर पर लाखो रूपए खर्च कर रहे है वही ब्यूरोक्रेट्स से भी पीछे नही है। आर टी आई से ऐसे 2 मामले सामने आए है ।  वीवीआईपी नम्बर के लिए  उपयुक्त काँगड़ा के नए खरीदे एक्स यू वी वाहन  को वीआईपी नम्बर एच पी 40 डी 0001 को दिनाक 17 जुलाई 2017 को एक लाख फूंक डाला है। यह वाहन एसडीएम कार्यलय काँगड़ा में रजिस्टर्ड हुआ है। हैरानी की बात है प्रसाशनिक शक्तिया ,लग्जरी वाहन,वाहन पर फ्लैग,सुरक्षा सहित तमाम सुविधाए होने के बावजूद प्रसाशनिक अधिकारी वी आई पी नम्बर के लिए दौड़ते नजर आ रहे है। ऐसा ही दूसरा
हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आया है यहा भी   झूठी शान के लिए जनता के पैसे  की बर्बादी का खुला खेल खेला गया है। बोर्ड द्वारा शाही ऐशो आराम के लिए जनता के पैसे की खूब बर्बादी की जा रही है। एक तरफ सरकार लगातार कर्जे पर कर्जा लेकर शासन चला रही वही दूसरी तरफ ब्यूरोक्रेट्स व ओहदेदार  धन को लूटा कर वीवीआईपी
कल्चर को बढ़ावा देने में लगे हुइ है। आर टी आई से जुटाई जानकारी से  2016 में खरीदे गए नए लग्जरी एक्स यु वी वाहन के लिए बोर्ड ने एक लाख रूपए मात्र वीवीआईपी नम्बर को ही खर्च कर डाले ।  12 मई 2016 को उक्त वाहन के लिए एसटीए शिमला से वीवीआईपी नम्बर एच पी 62 डी 0005 की  रजिस्ट्रेशन करवाई  गई है। विभागीय सुत्रो के मुताबिक आला अधिकारियो / ओहदेदारों को खुश करने के लिए इतनी भारी भरकम राशि का दुरूपयोग किया गया है।
1 से 10 नम्बर सरकारी वाहन के लिए आरक्षित
प्रदेश में 20 नवम्बर वर्ष 2015 से परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर 1 से 10 नम्बर सरकारी वाहनो के लिए आरक्षित किए गए है । इसकी अधिसूचना से पूर्व इन नम्बरो को मुफ़्त में सरकारी वाहनों के लिए जारी किए जाने का प्रावधान किया गया था लेकिन जनता द्वारा  आपत्ति किए जाने पर विशेष रजिस्ट्रीकरण चिन्ह को सरकारी वाहन के लिए 1 लाख रूपए फीस निर्धारित की गयी। यहा बता दे कि पड़ोसी राज्यो में वीआईपी नम्बरो के लिए खुलीबी बोली का आयोजन किया जाता है  ताकि ज्यादा से ज्यादा राजस्व सरकारी खजाने के लिए एकत्रित किया जा सके और जनता का भी शौक पूरा हो।

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