संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन की ओर से संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट में रक्तदान शिविर का आयोजन

संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन की ओर से संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट में रक्तदान शिविर का आयोजन

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 11 Sep, 2017 05:59 am सोलन

हिमाचल जनादेश,दाड़लाघाट(आशीष गुप्ता)

संत निरंकारी चैरीटेबल फाउंडेशन की ओर से संत निरंकारी ब्रांच दाड़लाघाट में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में संत निरंकारी मंडल शिमला के क्षेत्रीय संचालक इंद्र मोहन व कार्यक्रम की अध्यक्षता दाड़लाघाट शाखा के  सयोंजक शंकर दास निरंकारी ने की।इस मौके पर उन्होंने कहा कि निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का कथन है कि ‘इंसान का रक्त नालियों में ना बहकर,नाडिय़ों में बहे’।इस भाव को चरितार्थ करते हुए सतगुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज के आशिर्वाद से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा समस्त देश एवं विश्व के अनेकों मुल्कों में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है।इसी श्रृंखला के अंतर्गत विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन संत निरंकारी सत्संग भवन दाड़लाघाट मे किया जा रहा है उन्होंने रक्तदान करने वाले भक्तों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर मानव को स्वस्थ रहने के लिए उसके शरीर में रक्त संचार बना रहना चाहिए।जहां कहीं रूकावट आती है,हम डॉक्टर के पास जाते हैं।परंतु एक रक्त संचार हमारे अपने हाथ में भी है और वह है जब हम रक्त दान करते हैं और हमारा रक्त किसी रोगी के शरीर में प्रवाहित होता है।शाखा दाड़लाघाट के सयोंजक  शंकर दास निरंकारी  ने कहा कि संत निरंकारी मिशन पहले ही एकत्व का मिशन बना हुआ है।रक्तदान के माध्यम से मानवता के प्रति प्रेम की भावना को व्यक्त करने के लिए एक और साधन मिल जाता है।बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने 1986 में पहली बार आह्वान किया था कि ’रक्त नाडि़यों में बहना चाहिए, न कि नालियों में'।तब से लेकर आज तक मिशन के श्रद्धालु भक्त बड़े ही उत्साह तथा लगन के साथ रक्त दान करते आ रहे हैं,और आज तक देश में ही नहीं दूर देशों में भी लाखों यूनिट रक्त दान किया जा चुका है।ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के पूर्व उप प्रधान राजेश गुप्ता ने कहा कि इन्सान को रक्त की महत्वता अस्पताल में पता लगती है जब रोगी रक्त की एक-एक बूंद के लिए अपनी सांसें गिनता है तब जाति-पाति का भेद भूलाकर किसी का भी रक्त मिल जायें जो कि मरीज को बचा सकें।आज सन्त निरंकारी चैरिटेबल फाउन्डेशन विश्व में निरंतर प्रयास करते हुये बहुत अच्छा कार्य कर रहा है।रक्तदान-जीवनदान। रक्तदान की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है जिससे किसी मनुष्य को नया जीवन मिलता है।बाबा हरदेव सिंह जी महाराज द्वारा चलायी गयी रक्तदान की परंपरा संत निरंकारी मिशन द्वारा निभायी जा रही है।निरंकारी मिशन प्रमुख सद्गुरू माता सविन्द्र हरदेव सिंह जी महाराज के निर्देश पर दाड़लाघाट में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।इस अवसर पर इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला से आई टीम के डॉ वीना गुप्ता ने भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर शाखा दाड़लाघाट के सयोंजक शंकर दास निरंकारी,संचालक दिनेश गुप्ता,पुन्नूरम,मदन,आशीष गुप्ता,निशांत,ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता,नरेंद्र कुमार,सुधीर,नायब तहसीलदार सेटलमेंट दाड़लाघाट कैलाश कौंडल,धनीराम,यशपाल शर्मा,सुशील,भोलू,कमल,विवेक,लता,सुरेशी,रीना,नेहा,मधु,कुलदीप,डॉ की टीम  आईजीएमसी शिमला से एचआर शर्मा,कामेश्वर,सी एल कश्यप दिवाकर सहित संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सदस्य व समस्त संगत उपस्थित रही।इस अवसर पर 110 रक्तदाताओं ने रक्त दान किया।

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