बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का खास महत्व...

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का खास महत्व...

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 10 Feb, 2019 12:12 pm देश और दुनिया धर्म-संस्कृति ताज़ा खबर स्लाइडर

हिमाचल जनादेश ,दिल्ली (डेस्क ) 

 

माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को सरस्वती की पूजा के रूप में भी मनाया जाता है, धार्मिक ग्रंथों में ऐसी मान्यता है कि इसी दिन शब्दों की शक्ति ने मनुष्य के जीवन में प्रवेश किया था पुराणों में लिखा है। 

सृष्टि को वाणी देने के लिए ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का था, इस जल से हाथ में वीणा धारण कर जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती देवी कहलाई उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनों लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों में वाणी मिल गई. वह दिन बसंत पंचमी का दिन था इसलिए बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है। 

 शास्त्रों में बसंत पंचमी के दिन कई नियम बनाए गए हैं, जिसका पालन करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं. इस दिन पीले वस्त्र पहनने चाहिए और मां सरस्वती की पीले और सफेद रंग के फूलों से ही पूजा करनी चाहिए। 

सुबह संगम स्नान करके पीले या सफेद वस्त्र धारण कर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें. मां सरस्वती को सफेद चंदन, पीले और सफेद फूल अर्पित करें. उनका ध्यान कर ऊं ऐं सरस्वत्यै नम: मंत्र का 108 बार जाप करें । 

 मां सरस्वती की आरती करें और दूध, दही, तुलसी, शहद मिलाकर पंचामृत का प्रसाद बनाकर मां को भोग लगाएं. सरस्वती माता पीले फल, मालपुए और खीर का भोग लगाने से माता सरस्वती शीघ्र प्रसन्न होती हैं । 

 मां सरस्वती को बेसन के लड्डू अथवा बेसन की बर्फी, बूंदी के लड्डू अथवा बूंदी का प्रशाद चढ़ाएं साथ ही श्रेष्ठ सफलता प्राप्ति के लिए देवी सरस्वती पर हल्दी चढ़ाकर उस हल्दी से अपनी पुस्तक पर "ऐं" लिखें. बसंत पंचमी के दिन कटु वाणी से मुक्ति हेतु, वाणी में मधुरता लाने के लिए देवी सरस्वती पर चढ़ी शहद को नित्य प्रात: सबसे पहले थोड़ा से अवश्य चखें. बसंत पंचमी के दिन गहनें, कपड़ें, वाहन आदि की खरीदारी आदि भी अति शुभ मानी जाती है। 

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करें और वर्ष भर उसी कलम का प्रयोग करें. पीले या सफेद वस्त्र जरूर धारण करें और काले रंग से बचाव करें. केवल सात्विक भोजन करें तथा प्रसन्न रहें और स्वस्थ रहें. आज के दिन पुखराज और मोती धारण करना बहुत लाभकारी होता है.स्फटिक की माला को अभिमंत्रित करके धारण करना भी श्रेष्ठ परिणाम देता है। 

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