इस विदेशी CEO की भारत में हुई मौत से लोगों के डूब गए 1300 करोड़,....

इस विदेशी CEO की भारत में हुई मौत से लोगों के डूब गए 1300 करोड़,....

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 09 Feb, 2019 02:24 pm क्राईम/दुर्घटना देश और दुनिया विज्ञान व प्रौद्योगिकी लाइफस्टाइल ताज़ा खबर स्लाइडर

हिमाचल जनादेश ,नई दिल्ली (डेस्क )
 

कनाडा के उद्यमी गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) की भारत के एक अस्पताल में मौत हो गई, जिससे उनके हजारों निवेशक उलझन में हैं। क्योंकि उनके निधन से निवेशकों के 14.5 करोड़ डॉलर (करीब 1300 करोड़ रुपये) की रकम का पासवर्ड भी चला गया है। कॉटन कनाडा की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक्सचेंज क्वाड्रिगा (Quadrigacx) के मालिक थे। हालांकि अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले उन्होंने वसीयत की थी और सारी संपत्ति अपनी पत्नी के नाम कर दी थी।

पत्नी को नहीं पता पासवर्ड

न्यूजबीटीसी डॉट कॉम की की रिपोर्ट के मुताबिक गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) ने अपनी सारी संपत्ति पत्नी जेनिफर राबर्ट्सन के नाम की है। लेकिन उनकी पत्नी का कहना है कि उनके पास कंपनी का पासवर्ड नहीं है जिससे उसमें रखी गई क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को वापस लिया जा सके।

पत्नी को मिला यह सब
रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी पत्नी को वसीयत में संपत्ति, महंगे वाहनों के साथ ही चिहुहुआस नस्ल के दो पालतू कुत्ते भी मिले हैं। लेकिन उनके पास क्वाड्रिगा (Quadrigacx) नाम की इस कंपनी के कोल्ड स्टोरेज समाधान से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है। राबर्ट्सन का कहना है कि गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) अपने एनक्रिप्टेड लैपटॉप से क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एक्सचेंज चलाते थे। उन्होंने कहा, "मुझे 'पासवर्ड' या 'रिकवरी की' की जानकारी नहीं है। बार-बार और ध्यान लगाकर भी खोजने के बावजूद मुझे इस संबंध में कहीं कुछ लिखा हुआ नहीं मिला है।


 भारत में हुई मौत

कॉटन की जयपुर के एक अस्पताल में दिसंबर में गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) की मौत हो गई, जिसके बाद क्वाड्रिगा (Quadrigacx) संकट में फंस गई है। क्योंकि पासवर्ड नहीं मिलने के कारण कंपनी के एक लाख से ज्यादा यूजर्स की रकम फंस गई है। बिटकॉयन और अन्य डिजिटल संपत्तियों के रूप में रखे हुए 14.5 करोड़ डॉलर की रकम तक पहुंच केवल कॉटन थी। गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) के मरने के बाद क्रिप्टोकरेंसी को अनलॉक करने का पासवर्ड चला गया है, क्योंकि उनका लैपटॉप और स्मार्टफोन बेहद उच्च स्तर के एनक्रिप्सन से सुरक्षित है।


 जानें क्या है कोल्ड वॉलेट

सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्वाड्रिगा (Quadrigacx) की डिजिटल करेंसिज को ऑफलाइन रखा जाता था, जिसे 'कोल्ड वॉलेट' कहते हैं, ताकि हैकर्स से वह सुरक्षित रहे और वॉलेट का पासवर्ड केवल कॉटन के पास था। कॉटन की भारत की यात्रा के दौरान क्रोहन नाम की बीमारी से 30 साल की उम्र में मौत हो गई। कंपनी ने पासवर्ड अनलॉक करने के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं ली है, लेकिन अभी तक कुछ खास हासिल नहीं किया जा सका है। उधर, कंपनी के ग्राहक अब कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।


 
सोशल मीडिया पर दिख रही निवेशकों की नाराजगी

Quadrigacx के ऑफलाइन होने के बाद सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स, रेडिट और ट्विटर पर निवेशकों की नाराजगी देखने को मिलने लगी। कुछ निवेशकों ने सवाल उठाए कि क्या वास्तव में गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) की मौत हुई है या फिर उन्होंने अपनी मौत का नाटक रचा है। निवेशकों ने आशंका जताई है कि कहीं यह धोखाधड़ी का मामला तो नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि जब गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) को आंत संबंधी बीमारी थी तो वह India क्यों गए, जहां कि पीने के पानी की गंभीर समस्या है।

कौन थे गेराल्ड 
गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) की उम्र महज 30 साल की थी। ब्लूमबर्ग पर उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) 5 फरवरी 2015 से क्वाड्रिगा (Quadrigacx) सीएक्स के प्रेजिडेंट थे। दिसंबर 2013 से 5 फरवरी 2015 तक वह कंपनी के सीईओ रहे थे। टोरंटो के यॉर्क यूनिवर्सिटी से 2010 में बीबीए की डिग्री हासिल करने वाले गेराल्ड कॉटन (Gerald Cotton) को क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के क्षेत्र में 11 वर्षों का अनुभव प्राप्त था। वह बिटकॉइन फाउंडेशन के सदस्य भी थे। उन्होंने दिसंबर 2013 से वैंकुवर बिटकॉइन को-ऑप के डायरेक्टर रह चुके थे। 2016 की शुरुआत में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया था कि कनाडा के बिटकॉइन मार्केट में उनकी कंपनी की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

क्वाड्रिगा (Quadrigacx) के तीन लाख 63 हजार रजिस्टर्ड यूजर 
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक क्वाड्रिगा (Quadrigacx) के तीन लाख 63 हजार रजिस्टर्ड यूजर हैं। इनमें से 92 हजार के अकाउंट में या तो क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) या कैश के रूप में बैलेंस है।

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