दम तो है....कार्यशैली में ही नहीं राजनैतिक पटल पर भी डॉ जनकराज ने नेताओं को दिया मुंहतोड़ जबाब

दम तो है....कार्यशैली में ही नहीं राजनैतिक पटल पर भी डॉ जनकराज ने नेताओं को दिया मुंहतोड़ जबाब

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 19 Jan, 2019 07:56 pm राजनीतिक-हलचल लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर शिमला स्वस्थ जीवन शिक्षा व करियर

हिमाचल जनादेश(मोनु राष्ट्रवादी)

जी हां अपनी कार्यशैली से विख्यात स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत न्यूरो सर्जन व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक (आईजीएमसी) डॉक्टर जनक राज ने आज यह साबित कर दिया है कि वे महज एक डॉक्टर ही नहीं बल्कि राजनीतिक पटल के भी अच्छे खिलाड़ी हैं।

गौरतलब हो की आईजीएमसी के परिसर में किए गई पोताई को लेकर कल प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने डॉक्टर जनक राज के ऊपर उनका भाजपावादी होने व संघी होने को लेकर प्रश्न चिन्ह लगाया था जिसमें विक्रमादित्य सिंह ने डॉक्टर जनक राज को भाजपा का प्रचारक वह संघ का प्रसार करने वाला कहा था ।

जबाब में डॉक्टर जनक राज ने उन रंगों के चयन व पुताई को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशों का हवाला दिया। उन्होंने कहा था की रँगाई का कार्य जब पूर्ण हो जाएगा तो दीवार से हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के तीनों रंग प्रतिबिंबित होंगे। लेकिन विक्रमादित्य द्वारा की गई इस टिप्पणी का जबाब डॉ जनक राज महज 24 घंटे के अंदर दे देंगे शायद यह किसी ने नहीं सोचा था।

उन्होंने आज देर दोपहर ही परिसर की दीवारों पर होने वाली पुताई को अंतिम रूप दे दिया इतना ही नहीं साथ ही आज उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि "मैं आपको बताना चाहूंगा कि मैं हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत राजपत्रित अधिकारी हूं और आईजीएमसी लोकतांत्रिक देश का एक सरकारी संस्थान है जहां रंग, जाति, धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

इस संस्थान का व वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक होने के नाते यहां एक ही धर्म है वह राजधर्म। उन्होंने कहा रंगो का विश्लेषण करना सबकी अपनी-अपनी सोच हो सकती है, राजपत्रित अधिकारी होने के नाते मुझे इस सूचना पट्टिका पर चार रंग दिखाई दे रहे हैं जिसमें हरा, सफेद , गहरा नीला व संतरी और यह चारों रंग हमारे राष्ट्रीय ध्वज में शामिल है इसलिए यह संस्थान हम सब का है,जनता का है।"

खैर विषय जो भी हो लेकिन डॉक्टर जनक राज द्वारा विक्रमादित्य द्वारा की गई टीका- टिप्पणी का इतने शीघ्र दिया जा सकता था कि शायद किसी ने सोचा ही नहीं था। इस पूरे घटनाक्रम ने दर्शा दिया कि डॉक्टर जनक राज महज एक सरकारी अधिकारी ही नहीं बल्कि राजनीतिक गलियारों के भी अच्छे जानकार हैं जिसके चलते वे भली-भांति जानते हैं कि किसे, कब और कैसे जवाब देना।

आज पूरे आईजीएमसी में डॉ जनकराज द्वारा दी गयी राजनैतिक पटकनी चर्चा का विषय बनी हुई है।

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