मंडी लोकसभा : राजा वीरभद्र सिंह बढ़ा सकते हैं भाजपा की मुश्किलें

मंडी लोकसभा : राजा वीरभद्र सिंह बढ़ा सकते हैं भाजपा की मुश्किलें

संवाददाता (हिमाचल जनादेश) 30 Dec, 2018 04:35 pm राजनीतिक-हलचल लाइफस्टाइल सम्पादकीय ताज़ा खबर स्लाइडर मण्डी शिक्षा व करियर आधी दुनिया

हिमाचल जनादेश (कमल राजपूत)

कांग्रेस ठाकुर सिंह भरमौरी व ठाकुर कौल सिंह पर भी खेला जा सकती है दांव

पिछली बार सुखराम ने दिया था गुपचुप रामस्वरूप का साथ

राजा वीरभद्र उतरे तो हो सकती है कांग्रेस की राह आसान

रामस्वरूप से टिकट हथियाने वालों की लंबी लिस्ट

 

यदा कदा दिसम्बर माह की समाप्ति के उपरांत एक बार फिर चुनावों की रणभेरी बजने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी नेताओं के प्रदेश की ओर रोजमर्रा किए जा रहे रुख से यह साबित हो रहा है कि इस बार दिल्ली दूर है।

ऐसे में लोक सभा चुनावों का राग जैसे- जैसे शबाब पर आ रहा है, भाजपा- कांग्रेस सहित अन्य दलो में सरगर्मियां तेज़ हो रही है।2014 में हुए लोकसभा चुनावों में प्रदेश की समस्त चारों सीटों पर भाजपा ने अपनी जीत का परचम लहरा कांग्रेस को बैकफुट पर धकेल दिया था।

इसके पश्चात बीते वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में भी कमोवेश यही स्थिति देखने को मिली। प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुआई में भाजपा की सरकार बनी। लोकसभा की चारों सीटों की बात की जाए तो हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र की सीट हमेशा से ही राजनीति के अखाड़े में प्रमुख मानी गई है।

मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार कौन होगा अभी तक उम्मीदवार की तस्वीर धुंधली ही है। कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर संभावित उम्मीदवार के तौर पर इस सीट से पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी के अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह का नाम भी यहाँ बराबर चर्चा में बना हुआ है।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह का मंडी का दौरा क्या हुआ लोक सभा उम्मीदवारी को लेकर तेज़ हलचल मचा गया। उनकी उम्मीदवारी को लेकर बराबर अटकलें लगनी शुरू हुई। हालांकि पत्रकार वार्ता के दौरान वीरभद्र सिंह ने चुनाव लड़ने की पूरी तरह से हामी तो नही भरी।

परंतु हर सवाल के जबाब पर उनकी चिर-परिचित मुस्कान, कुछ इशारा जरूर कर रही थी। वहीं विश्वस्त सूत्रों की माने तो यदि कांग्रेस आलाकमान उनके नेतृत्व में लोक सभा चुनाव की कमान सौंपी जाती है तो वह चुनावी रण में उतर सकते है । वीरभद्र सिंह ने हालांकि चुनाव लड़ने की बात को स्वीकार नही किया है।

वही अब तक जो जनता का रुझान लोक सभा चुनावों को लेकर सामने आ रहा है, उसमें वीरभद्र सिंह को ही जनता लोक सभा चुनावों का प्रत्याशी देखना चाहती है । कांग्रेस पार्टी के पास सबसे मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवार वीरभद्र सिंह ही है । कांग्रेस हाईकमान किसको मैदान में उतारती है ये तो बाद में तय होगा ,लेकिन कांग्रेस हाईकमान भी बखूबी जानता है कि हिमाचल प्रदेश में वीरभद्र सिंह के बगैर चुनाव जीतना मुश्किल है।

कांग्रेस पार्टी से अगर वीरभद्र सिंह चुनाव लड़ने की हामी भर देते है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संजीवनी मिल जाएगी । कांग्रेस से अगर पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह चुनाव लड़ते है ,तो यह भाजपा और मंडी लोकसभा क्षेत्र के मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा के लिए परेशानी खड़ी सकता है।

रामस्वरूप शर्मा के प्रति मंडी संसदीय क्षेत्र के लोगो मे काफी नराजगी पनपी हुई है चाहे वो मंडी जिला हो या अन्य क्षेत्र लोग अपने सांसद से खफा चले हुए है इस सूरत में सांसद को नुक्शान उठाना पड़ सकता है दूसरी ओर लोक सभा के टिकट हथियाने वालो की लिस्ट भी लंबी नज़र आ रही है सांसद रामस्वरूप के साथ भितरघात होने की आशंका भी पूरी बरकरार बनी हुई है ।

माना यह भी जा रहा है कि इस बार शायद रामस्वरूप का लोक सभा का टिकट कट जाए और भाजपा किसी दूसरे चेहरे को मैदान में उतार दे । रामस्वरूप के चार साल के कार्यकाल पर भी देखा जाए तो वो जनता में खरे नही उतर सके है ।

राजनीतिक सूत्र यह भी कहते है पिछली बार लोक सभा चुनावों में पंडित सुखराम का सबसे बड़ा आश्रीवाद रामस्वरूप पर रहा है जबकि इस बार स्वयं सुखराम अपने पोते के टिकट की दावेदारी जता चुके है । वीरभद्र सिंह चुनाव में उतर जाते है तो इस बार कांग्रेस की सबसे सुरक्षित सीट मंडी संसदीय ही होगी ,जबकि भाजपा के लिए यह सीट जीतना मुश्किल भरा हो सकता है।

Comments

Leave a comment

What's on your mind regarding this news!

Your comment *

No comments yet. Be a first to comment on this.